IBEX NEWS, शिमला
भाषा कला एवं संस्कृति विभाग किन्नौर द्वारा आज देवी चण्डिका राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी में हिन्दी पखवाड़े के तहत भाषण, प्रशनोत्तरी व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।



आयोजन की अध्यक्षता करते हुए उपमण्डलाधिकारी कल्पा डाॅ. मेजर शशांक गुप्ता ने कहा कि समूचा राष्ट्र प्रथम सितम्बर से 14 सितम्बर, 2022 तक हिन्दी पखवाड़ा मनाता है जिसका मुख्य उद्देश्य हिन्दी भाषा को बढ़ावा देना है।



उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा को संविधान सभा द्वारा 14 सितम्बर, 1949 को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1917 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने संबोधन के दौरान हिंदी भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा था कि अधिकांश भारतीय हिंदी भाषा बोलते हैं, इसलिए इसे राष्ट्र की राष्ट्रीय भाषा के रूप में अपनाना चाहिए।



डाॅ. मेजर शशांक ने कहा कि हिंदी भाषा देश को आपस में जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि देश के लगभग 78 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते और समझते हैं। यही नहीं आज विदेशों में भी हिंदी भाषा को पढ़ाया जा रहा है तथा लोगों में हिंदी सिखने के प्रति उत्साह है। उन्होंने विद्यार्थियों से भी आग्रह किया कि वे दैनिक बोल-चाल में स्थानीय बोली के साथ-साथ हिंदी भाषा का प्रयोग करें।

इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार की डिम्पल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रूपी की सृष्टि ने द्वितीय तथा डी.ए.वी स्कूल रिकांग पिओ के अग्रिम शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कल्पा की दीप्ती ने प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रारंग की सिमरन ने द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रूपी की हेमलता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरनी की अवंतिका ने प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरनी की विदुषी नेगी ने द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्रुआ की शिवांजली ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
डाॅ. ज्ञान चंद शर्मा, डाॅ. सिद्धेश्वरी नेगी, बालम नेगी व नरेंद्र शर्मा ने इस दौरान निर्णायक मण्डल की भूमिका निभाई।
इस अवसर पर जिला लोक सम्पर्क अधिकारी एवं जिला भाषा अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि, प्रतिभागियों, शिक्षकों व इस अवसर पर उपस्थित सभी का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रतियोगिताओं में जिले भर के उच्च तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के 24 स्कूलों के लगभग 110 बच्चों ने भाग लिया जिनमें अधिकांश छात्राएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हिंदी व स्थानीय बोली के अलावा जिले की समृद्ध संस्कृति, रीति-रिवाजों को संरक्षित करने के लिए समय-समय पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इस अवसर पर स्थानीय पाठशाला के प्रधानाचार्य राम सिंह ने मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
इस दौरान स्थानीय पाठशाला के अध्यापक व अन्य उपस्थित थे।
.0.