
आयुष्मान भारत से आयुर्वेद अस्पतालों की विदाई पर सियासत तेज, भाजपा ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का आरोप— हिमकेयर के बाद अब आयुष्मान भारत योजना से भी वंचित किए जा रहे मरीज, सरकार ने नहीं दी कोई स्पष्ट वजह
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न आयुर्वेदिक अस्पतालों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) तथा मुख्यमंत्री हिमाचल हेल्थ केयर योजना (HIMCARE) से डी-एम्पैनल किए जाने के आदेश के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने इस फैसले को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया पर जारी प्रतिक्रिया में सुधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि पहले हिमकेयर योजना को प्रभावहीन बनाया गया और अब आयुष्मान भारत योजना के दायरे से भी आयुर्वेदिक अस्पतालों को बाहर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के हजारों मरीजों को उपचार सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सचिव (स्वास्थ्य) द्वारा जारी इस आधिकारिक आदेश में इस फैसले के पीछे एक तकनीकी वजह बताई गई है। आदेश के मुताबिक, इन अस्पतालों को इसलिए हटाया जा रहा है क्योंकि “आयुष्मानभारतयोजनाकेतहतआयुर्वेदिकअस्पतालोंको ‘हॉस्पिटलएंगेजमेंटमॉड्यूल 2.0′ (Hospital Engagement Module 2.0) परमाइग्रेटकरनेकाकोईप्रावधाननहींहै।एक तरफ जहां विभाग इसे ‘सॉफ्टवेयर और मॉड्यूल माइग्रेशन’ की तकनीकी कमी बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर जनता के साथ धोखा करार दिया है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में, जहाँ बड़ी आबादी पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार और इन स्वास्थ्य योजनाओं पर निर्भर है, वहां एक साथ 21 सरकारी अस्पतालों का पैनल से बाहर होना एक बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बन सकता है। अब देखना यह होगा कि सुधीर शर्मा के इस सियासी वार पर सरकार क्या सफाई पेश करती है।

सुधीर शर्मा द्वारा सोशल मीडिया में साझा की पोस्ट में आधिकारिक पत्र (दिनांक 23 जून, 2026) के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत ‘एचपी स्वास्थ्य बीमा योजना सोसाइटी’ ने राज्य के 21 क्षेत्रीय और जिला आयुर्वेदिक अस्पतालों को आयुष्मानभारत (AB-PMJAY) और हिमकेयर (HIMCARE) योजना के पैनल से बाहर (De-empanel) कर दिया है।तंज कसते हुए कहा है कि
“अब उपचार हेतु मिलेंगे नाना प्रकार के न्योड़े…”
इस आदेश की प्रति को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सुधीर शर्मा ने राज्य सरकार की नीतियों पर तंज कसते हुए आगे लिखा
हिमकेयरबंदकरनेकेबादअबआयुष्मानभारतयोजनाभीबंद।अबउपचारहेतुमिलेंगे “नानाप्रकारकेन्योड़ेऔरटाटोंकेपलदे
शर्मा का यह तीखा और व्यंग्यात्मक बयान सीधे तौर पर सरकार की नीतिगत विफलताओं को निशाना बनाता है। विपक्ष इस मुद्दे को जनता के स्वास्थ्य अधिकारों से जोड़कर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है, जिसमें यह दर्शाने की कोशिश की जा रही है कि आम आदमी से मुफ्त इलाज की सहूलियतें छीनी जा रही हैं।
प्रभावित होने वाले प्रमुख अस्पताल:
इस आदेश के कारण प्रदेश के कई बड़े और प्रमुख पारंपरिक चिकित्सा केंद्र प्रभावित हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:
राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पताल, पपरोला
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल, छोटा शिमला
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, सोलन, मंडी और कुल्लू सहित कुल 21 संस्थान।


