
19 सितंबर तक चलेगी यात्रा | 1 अगस्त से ऑनलाइन पंजीकरण | प्रतिदिन शुरुआती चरण में 5,000 श्रद्धालुओं को मिलेगी अनुमति | अमरनाथ मॉडल पर होगा प्रबंधन
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा इस वर्ष 25 अगस्त से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। भगवान शिव की पवित्र मणिमहेश झील तक पहुंचने वाली इस धार्मिक यात्रा को इस बार पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता, भीड़ नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी
यात्रा के दौरान पहली बार पूरे मार्ग पर ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जाएगी। ड्रोन की सहायता से श्रद्धालुओं की संख्या, ट्रैफिक व्यवस्था, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष को तत्काल सूचना मिलेगी, जिससे राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किए जा सकेंगे।
अमरनाथ यात्रा की तर्ज पर होगा प्रवेश प्रबंधन
यात्रा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए इस वर्ष अमरनाथ यात्रा मॉडल अपनाया गया है। प्रारंभिक चरण में प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। सभी श्रद्धालुओं को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कर निर्धारित स्लॉट के अनुसार ही यात्रा करनी होगी। जन्माष्टमी और राधाष्टमी जैसे विशेष अवसरों पर मौसम और सुरक्षा स्थिति के आधार पर संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
1 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 अगस्त से आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और यात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
पंजीकरण शुल्क बढ़ाकर 50 रुपये
यात्रा प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष पंजीकरण शुल्क 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। वहीं यात्रा मार्ग पर सेवा देने वाली लंगर समितियों के लिए भी नई शुल्क एवं सुरक्षा जमा राशि की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि व्यवस्थाओं का बेहतर पालन सुनिश्चित किया जा सके।
स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल यात्रा पर विशेष जोर
प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाने का निर्णय लिया है। प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण और यात्रा मार्ग की स्वच्छता के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
यात्रा मार्ग पर बेहतर सुविधाएं
यात्रा शुरू होने से पहले सड़क मरम्मत, पेयजल, बिजली, संचार नेटवर्क, अस्थायी शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। विभिन्न पड़ावों पर चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
हेली टैक्सी सेवा भी रहेगी उपलब्ध
बुजुर्गों और पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष भी हेली टैक्सी सेवा उपलब्ध रहेगी। यात्रा शुरू होने के साथ हेलीकॉप्टर सेवा भी संचालित की जाएगी, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी।
आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम
ड्रोन निगरानी, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण जैसे कदम इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाएंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इन व्यवस्थाओं से बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।


