
IBEX NEWS,शिमला।
राज्य सरकार ने अफ़सरशाही के कामों का बँटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री , होम एंड विजिलेंस-कम-डायरेक्टर विजिलेंस को आईएएस /एचएएस अधिकारियों के तबादलों के संबंधित मामलों की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया हैं । वहीं शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों के बारे ने मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा को ज़िम्मेवारी दी गई है । इनके अतिरिक्त दूसरे सभी विभागों में ट्रांसफ़र से संबंधित मामलों को प्रधान निजी सचिव एवम् स्पेशल सचिव सीएम विवेक भाटिया निपटायेंगे।
राज्य सरकार ने ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिये है और ऐसी चुस्त कार्यशैली सता के गलियारों में खूब सुर्ख़ियों में हैं। निर्णय ऐतिहासिक बताया जा रहा है। अफ़सरशाही के बीच कि खींचतान को कम करने के सरकार के इस फ़ैसलें को अहम इसलिए माना जा रहा है कि अभी मंत्रिमंडलविस्तार राज्य में नहीं हुआ हैं। अधिकतर मंत्री अपने चहेते अधिकारियों को अपने महकमों में नियुक्ति चाहते है। ज़िलों में ज़िलाधीशों की नये सिरे से तैनाती नहीं हुई हैं। सता परिवर्तन के बाद हर सरकारें नये डीसी बैठाती रहीं है ।ऐसे में नव नियुक्त टॉप ब्यूरोक्रेसी में तबादलों की देखरेख को लेकर बाँटे गये काम किस तरह सामंजस्य बैठाएगी ।सुगबुगाहट शुरू हो गई हैं। तर्क ये कि इससे पहले विभिन्नवर्गों में तबादलों को लेकर अफ़सरधाही में इतनी फ़ौजदारी नहीं रही है।सीएम अपने दम पर मंत्रियों के परामर्श से नियुक्तियों का तवज्जों देते रहे है ।नई सरकार में अब ऊँट किस करवट बैठेगा इस पर टकटकी बंध गई है। कर्ज का घी पी रहे छोटे राज्य हिमाचल में दो सीएम, दो सीएस नियुक्त है और दस गारंटियों को निभाने का बोझ नई सरकार के कंधों पर हैं।





