
सोशल मीडिया में पोस्ट कर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाई उंगली।
कहा,आख़िर ऊना में इन खनन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है?
खुलेआम हो रही इस अवैध माइनिंग पर सरकार और प्रशासन चुप क्यों है?
अवैध माइनिंग की मोटी रक़म के बंदरबाँट में कौन-कौन लोग शामिल हैं?
IBEX NEWS,शिमला
देवभूमि हिमाचल भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव जैसी समस्याएँ झेल रहा है। अवैध खनन बाढ़ और जलभराव का एक बड़ा कारण है, मिट्टी और बालू के खनन से जहां लोगों को काफी असुविधा होती है वहीं बरसात के समय नदी में बाढ़ आने से कटाव का खतरा और भी बढ़ जाता है। शुक्रवार को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाई उंगली।आगे कहा है कि मेरी अपनी सूचना के अनुसार ऊना ज़िले के हरोली में खनन माफिया बिना किसी सरकारी आदेश के बड़े पैमाने पर रेत व मिट्टी का खनन कर क्षेत्र को जोखिम में डाल रहे हैं। साइंटिफिक ना होने की वजह से ये माइनिंग बड़े ख़तरे को बुलावा दे रही है।
आख़िर ऊना में इन खनन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है?
खुलेआम हो रही इस अवैध माइनिंग पर सरकार और प्रशासन चुप क्यों है?
अवैध माइनिंग की मोटी रक़म के बंदरबाँट में कौन-कौन लोग शामिल हैं?
मेरा मुख्यमंत्री श्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जी से विनम्र अनुरोध है कि प्रदेश के हालातों को देखते हुए अवैध खनन से जुड़ी सभी गतिविधियों पर तुरंत कार्यवाई करने का निर्णय लें। हिमाचल के हित में खनन माफ़ियाओं को नेस्तनाबूद करें ताकि देवभूमि में बाढ़ और जलभराव के ख़तरे को कम किया जा सके।







