
RDG पर सीएम सुक्खू के जवाब से सदन में टकराव हुआ । कार्यवाही रोकनी पड़ी ,पारित होना है संकल्प प्रस्ताव
IBEX NEWS,शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नियम-102 के अंतर्गत प्रस्तुत सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान RDG (Revenue Deficit Grant) के मुद्दे पर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिला। RDG पर सीएम सुक्खू के जवाब से सदन में टकराव हुआ । कार्यवाही रोकनी पड़ी ,संकल्प प्रस्ताव पारित होना है इससे पहले चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।
मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर द्वारा 15वें और 16वें वित्त आयोग के समक्ष दिए गए वक्तव्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन बयानों में स्वयं नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल के लिए RDG को अनिवार्य बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर भाजपा का रुख उसके पूर्व बयानों से मेल नहीं खाता, जिससे विपक्ष असहज स्थिति में आ गया।
केंद्र से लगातार संपर्क का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय बजट से पहले वह चार बार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया से मिले। उन्होंने कहा कि RDG की टेपरिंग से हिमाचल को हुए नुकसान के मद्देनज़र 2026 से 2031 तक RDG को समान स्तर पर रखने का आश्वासन मिला है।
राजस्व और अनुदान पर आंकड़ों की जंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच वर्षों में अपने संसाधनों से 55,564 करोड़ रुपये राजस्व जुटाया, जबकि उनकी सरकार ने तीन वर्षों में 50,030 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व सरकार को RDG और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये मिले, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17 हजार करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए। इसके बावजूद सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कीं और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जीएसटी लागू होने के बाद जून 2022 से राज्य को 18,239 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
मुख्यमंत्री द्वारा आंकड़े पेश किए जाने पर विपक्षी सदस्य आक्रोशित हो गए और भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए। दोनों पक्षों की नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
शाम 5:35 बजे कार्यवाही पुनः शुरू होने पर भी गतिरोध जारी रहा और भाजपा विधायक दोबारा वेल में पहुंच गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि RDG प्रदेश के अधिकार का मुद्दा है और भाजपा को खुलकर समर्थन करना चाहिए। हालांकि भाजपा विधायक दल ने संकल्प के साथ होने की बात कही, लेकिन समर्थन के बजाय शोर-शराबा जारी रखा।
‘भाजपा का असली चेहरा उजागर’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की संपदा का दुरुपयोग हुआ और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के माध्यम से आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में काम कर रही है।
सदन में RDG को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।




