
IBEX NEWS,शिमला
हाई वोल्टेज टकराव ने बुधवार देर शाम बड़ा मोड़ ले लिया, जब Delhi Police की टीम को Himachal Pradesh Police ने शिमला से वापसी के दौरान शोघी बैरियर पर दोबारा रोक लिया। आरोप है कि तीन युवकों को “अगवा” कर ले जाने के मामले में दिल्ली पुलिस के जवानों के खिलाफ नई FIR दर्ज की गई है। हिमाचल पुलिस ने स्पष्ट कहा—“जांच में सहयोग करना पड़ेगा, तभी आगे बढ़ेंगे।”
10 घंटे की उठापटक के बाद फिर रोका गया काफिला
करीब 10 घंटे की कानूनी और प्रशासनिक रस्साकशी के बाद दिल्ली पुलिस तीन आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। लेकिन शोघी बैरियर पर काफिले को रोककर दस्तावेजों की पड़ताल की गई और अपहरण के आरोप में दर्ज FIR की प्रति दिखाई गई। मौके पर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच तीखी बहस होती रही।
एआई समिट प्रदर्शन से जुड़ा मामला
सूत्रों के मुताबिक, भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में प्रदर्शन के मामले में तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस शिमला जिले के रोहड़ क्षेत्र पहुंची थी। कार्रवाई के बाद वापसी के दौरान सोलन में भी टीम को रोके जाने की सूचना है। अब शिमला में नई FIR के साथ मामला और उलझ गया है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
बीजेपी नेता Jai Ram Thakur ने कहा कि “दो राज्यों के बीच ऐसे ऑपरेशन में सामान्यतः सहयोग होता है, लेकिन यहां पुलिस को ही डिटेन करवा दिया गया—यह सरकार की गलत मंशा दर्शाता है।”
उधर, शिमला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मामले पर आधिकारिक टिप्पणी से बचते दिखे, पर जांच में सहयोग की बात दोहराई।
आमने-सामने दो राज्य
घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और अंतरराज्यीय समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ दिल्ली पुलिस अपने ऑपरेशन को वैध बता रही है, तो दूसरी ओर हिमाचल पुलिस अपहरण के आरोप की जांच पर अड़ी है। देर रात तक शोघी बैरियर पर हलचल बनी रही और दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने डटी रहीं।
क्या यह कानूनी प्रक्रिया की सख्ती है या राजनीतिक दबाव का असर?
फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं—क्योंकि ‘पुलिस बनाम पुलिस’ की यह टक्कर अब कानूनी और सियासी दोनों मोर्चों पर नई बहस छेड़ चुकी है।




