
फॉरेंसिक जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और एसआईटी की तत्परता से सुलझा संदिग्ध हत्या का मामला
IBEX NEWS,शिमला
पुलिस थाना ठियोग में दर्ज एक संदिग्ध हत्या के मामले में शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस थाना ठियोग में एफआईआर संख्या 22/2026 दिनांक 28 फरवरी 2026 को धारा 103(1) (302 आईपीसी) के तहत ग्राम जराई, डाकघर देवगढ़, तहसील ठियोग, जिला शिमला से संबंधित एक हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह प्रकरण ग्राम जराई निवासी श्री जगदीश के बयान पर दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि अपने बाग में स्थित डेरे के दो कमरों में कार्य के लिए एक नेपाली परिवार को ठहराया हुआ था। परिवार में सुरेश (नेपाली), उसकी पत्नी, तीन बेटियां, दो बेटे और भांजा धनी राम शामिल थे।
28 फरवरी की सुबह जब श्री जगदीश डेरे पर पहुंचे तो दोनों कमरे बंद मिले। जांच के दौरान पहला कमरा खाली पाया गया, जबकि दूसरे कमरे में धनी राम फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा मिला। जांच में पुष्टि हुई कि उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
शिकायतकर्ता ने संदेह जताया कि सुरेश ने रात के दौरान घटना को अंजाम दिया और परिवार सहित फरार हो गया।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम एवं एसएफएसएल जुंगा ने मौके का निरीक्षण किया। उप पुलिस अधीक्षक ठियोग ने भी घटनास्थल का दौरा किया। पुलिस ने भौतिक और डिजिटल साक्ष्य कब्जे में लेकर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तीन अलग-अलग टीमें संदिग्ध की तलाश में रवाना की गईं। खुफिया सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पता चला कि आरोपी सुरेश शरमला पंचायत के गांव शर्मठू में छिपा हुआ है।
दिनांक 1 मार्च 2026 को पुलिस टीम ने शर्मठू गांव में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की वजह क्या निकली?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने शराब के नशे में पुरानी रंजिश के चलते एक कृषि उपकरण को हथियार बनाकर धनी राम की निर्मम हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।
शिमला पुलिस की इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना हो रही है।




