
शिमला पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: LSD तस्करी के बैकवर्ड लिंकेज खंगालते ही बेनकाब हुए विभाग के ‘विभीषण’, मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सलाखों के पीछे पहुंचे वर्दीधारी।
IBEX NEWS,शिमला (19 मार्च 2026):
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अब तक की सबसे बड़ी और कड़़ी कार्रवाई करते हुए विभाग के भीतर छिपी ‘काली भेड़ों’ पर शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों की तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के दौरान, पुलिस ने उन चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने तस्करों को पकड़ने के बजाय उनके साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को बढ़ावा दिया।
केरल से गुरुग्राम तक फैला था जाल
मामले का खुलासा तब हुआ जब 10 मार्च 2026 को पुलिस थाना न्यू शिमला ने पंजाब के संदीप शर्मा और सिरमौर की प्रिया शर्मा को 562 LSD स्ट्रिप्स (11.570 ग्राम) के साथ गिरफ्तार किया। जांच की कड़ियाँ जोड़ते हुए पुलिस 13 मार्च को मुख्य सप्लायर नविअल हैरिसन तक पहुँची और उसे गुरुग्राम (हरियाणा) से दबोच लिया।
जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा
तफ्तीश के दौरान डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों (Digital & Technical Evidence) के विश्लेषण से यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि कुल्लू जिला में इस तस्करी को इंटरसेप्ट करने के बावजूद, एसटीएफ (STF) में तैनात राजेश, समीर, नितेश और अशोक कुमार ने तस्करों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। यह न केवल अनुशासनहीनता थी, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ घोर नैतिक कदाचार था।
सस्पेंशन के बाद अब सीधे जेल की तैयारी
इन कर्मचारियों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिलने पर शिमला पुलिस की संस्तुति पर ADG CID द्वारा इन्हें 16 मार्च को सस्पेंड किया गया था। आज 19 मार्च को गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इन चारों आरोपियों—

को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन्हें कल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध zero tolerance नीति के अंतर्गत कार्यवाही जारी है , जिसके तहत मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्कों को ध्वस्त किया जा रहा है ।इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना न्यू शिमला द्वारा दिनांक 10.03.2026 को संदीप शर्मा जिला मोगा (पंजाब) तथा प्रिया शर्मा पुत्री श्जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश)के कब्जे से 562 strips (stamp size)11.570 gm एलएसडी (LSD) बरामद की गई।
बैकवर्ड लिंकेज की तफ्तीश के दौरान एलएसडी के सप्लायर की पहचान नविएल हैरिसन कालीकट, केरल के रूप में हुई। दिनांक 13-03-2026 को पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए उक्त आरोपी को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान अब तक यह सामने आया है एलएसडी की खेप की तस्करी की वारदात आरोपी संदीप और नेविल द्वारा कुल्लू जिला मे अंजाम दी गई जहाँ पर एसटीएफ मे कार्यरथ चार पुलिस कर्मियों मु0आ0 राजेश, मु0आ0 समीर . मानक मु0आ0 नितेश व आ0 अशो कुमार द्वारा इस ट्रैफिकिंग को इंटरसेप्ट करने के बावजूद ख़ुद आरोपियों के साथ मिलकर नशा तस्करी को बढ़ावा दिया जो की जघन्य अपराध,घोर अनुशासनहीनता,आपराधिक षड्यंत्र और नैतिक कदाचार का प्रमाण है।
उक्त कर्मचारियों की अभियोग मे समलिप्ता के चलते शिमला पुलिस की संस्तुति पर डिटेल्ड इंक्वायरी के बाद ADG CID द्वारा इन्हें 16-03-2026 को सस्पेंड किया गया।
अभियोग मैं डिजिटल भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और उक्त कर्मचारियों की नशा तस्करी की इस प्रकरण मैं संदिग्ध भूमिका और संलिप्तता को देखते हुए आज दिनाक 19-03-26
1 राजेश कुमार पुत्र स्व रामदास गांव 14 मील डा. बडाग्राम त. मनाली जिला कुल्लु 40 साल
2 समीर, पुत्र अशोक कुमार R/o वार्ड न. 7 पारला भुन्तर त. भुन्तर जिला कुल्लु 40 साल
3 नितेश पुत्र रमेश चंद गांव बजौरा डा व त. भुन्तर जिला कुल्लु 46 साल
4 अशोक कुमार पुत्र ज्ञान चंद गांव वाशिंग त. व जिला कुल्लु 42 साल
को शिमला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया जिन्हे कल माननीय न्यायालय मे पेश जाएगा।
हिमाचल प्रदेश पुलिस आगे भी ऐसी कड़ी कारवाई जारी रखेगी, जिससे प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित एवं /नशामुक्त भविष्य सुनिश्चित हो सके।हिमाचल प्रदेश पुलिस नागरिकों, विशेषकर युवाओं से मुख्यमंत्री द्वारा की गई अपील को दोहराती है कि वे नशे से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना में दें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।




