
IBEX NEWS BUREAU,शिमला।
जिला शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने सघन अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए वाणिज्यिक मात्रा में चरस की भारी खेप बरामद की है। पुलिस थाना कुमारसैन और स्पेशल सेल शिमला की संयुक्त टीम ने NH-305 लूहरी सड़क पर सैंज चौक के समीप नाकाबंदी के दौरान एचआरटीसी बस से 5 किलो 652 ग्राम चरस बरामद कर नशा तस्करी के एक संगठित प्रयास को नाकाम कर दिया। हालिया समय में इसे शिमला जिला की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभियोग संख्या 30/2026 के तहत यह मामला 24 अप्रैल 2026 को पुलिस थाना कुमारसैन में धारा 20 NDPS Act के अंतर्गत दर्ज किया गया। पुलिस टीम, स्पेशल सेल शिमला के सहयोग से, सैंज चौक के पास नियमित गश्त एवं नाकाबंदी पर तैनात थी। इसी दौरान विश्वसनीय सूचना के आधार पर HRTC बस संख्या HP66A-5181, जो कुल्लू से बागा सराहन रूट पर चल रही थी, को जांच के लिए रोका गया।
बस में यात्रा कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान पंकज कुमार पुत्र लेख राज, निवासी गांव अपरढाह, डाकघर अपरढाह, तहसील पालमपुर, जिला कांगड़ा, आयु 30 वर्ष के रूप में हुई। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक पिट्ठू बैग बरामद हुआ, जिसमें कुल 5 किलो 652 ग्राम चरस छिपाकर रखी गई थी। यह मात्रा NDPS अधिनियम के अनुसार Commercial Quantity की श्रेणी में आती है, जिसके तहत कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया है तथा उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है that वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 229 नशा तस्करों के खिलाफ 108 मामले दर्ज किए हैं तथा 19 बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्कों को ध्वस्त कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस की इन लगातार कार्रवाइयों से हजारों युवाओं तक नशे की आपूर्ति रोकने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
जिला शिमला पुलिस की यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के लिए बड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पहाड़ी मार्गों और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से हो रही तस्करी पर अब पुलिस की पैनी नजर है। नशे के कारोबार पर इस कड़ी चोट को लेकर स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की सराहना की है।



