
तारादेवी से कोटखाई तक फैला चिट्टा नेटवर्क बेनकाब, दो आरोपी पुलिस शिकंजे में
8 ग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में बैकवर्ड लिंकेज से खुला राज
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
शिमला में चिट्टे के बढ़ते कारोबार पर शिकंजा कसते हुए जिला पुलिस ने नशा तस्करी के एक सक्रिय सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस थाना वेस्ट शिमला में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में पहले तारादेवी के समीप 8 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार आरोपी से शुरू हुई जांच अब उसके मुख्य सप्लायर तक पहुंच गई है। पुलिस ने इस मामले में कोटखाई क्षेत्र से दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर नशा कारोबार की जड़ों तक पहुंचने का दावा किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को शिमला पुलिस की विशेष सेल ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर तारादेवी के पास एक संदिग्ध वाहन को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान वाहन में सवार रिशव कुमार (34), निवासी कच्ची घाटी, तारादेवी, के कब्जे से 8 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
लेकिन शिमला पुलिस ने इस गिरफ्तारी को केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखा। जांच टीम ने आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगालते हुए बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया। इसी दौरान पुलिस को एक बड़े सप्लायर की संलिप्तता के ठोस इनपुट मिले।
जांच में सामने आया कि कोटखाई के अलावांग गांव का रहने वाला बादल उर्फ टिटला ही रिशव कुमार को लगातार चिट्टा उपलब्ध करवा रहा था और तारादेवी में पकड़ी गई खेप भी उसी ने सप्लाई की थी। पुलिस ने इस खुलासे के बाद 25 अप्रैल को दबिश देकर बादल उर्फ टिटला को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों के बीच मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त से जुड़े वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क शिमला शहर और आसपास के इलाकों में चिट्टे की नियमित सप्लाई कर रहा था। इसी कड़ी में पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि इनके संपर्क किन-किन अन्य तस्करों और उपभोक्ताओं से जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपी बादल को अदालत में पेश कर 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान सप्लाई चेन, सोर्स प्वाइंट, पैसों के नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
जिला शिमला पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब नशा तस्करी के मामलों में केवल छोटे पेडलरों पर नहीं बल्कि सप्लाई नेटवर्क के हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में चिट्टे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर लगातार अभियान जारी रहेगा।



