
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश के लिए यह बेहद गौरवपूर्ण क्षण है जब प्रदेश के दो वीर सपूतों, मंडी ज़िले के जोगिंद्रनगर (ग्राम पंचायत दारट बगला) के कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर और शिमला ज़िले की जुब्बल तहसील (घुंसा गांव) के मेजर अंशुल बाल्टू को देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। मेजर अंशुल बाल्टू को यह सम्मान असम में एक विशेष सैन्य अभियान के दौरान प्रदर्शित उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और अदम्य वीरता के लिए राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दोनों जांबाजों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। जयराम ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि कैप्टन योगेंद्र और मेजर अंशुल ने अपने अद्वितीय साहस, दृढ़ संकल्प और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण से यह साबित कर दिया है कि हिमाचल की देवभूमि आज भी वीरों की जननी है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय सेना के कड़े अनुशासन और सर्वोच्च राष्ट्रसेवा का प्रतीक यह सम्मान न केवल पूरे देश को गौरवान्वित करता है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को देशभक्ति और देशसेवा के मार्ग पर चलने के लिए हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

जम्मू-कश्मीर में घने कोहरे और कठिन परिस्थितियों के बीच तैनाती के दौरान कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर जी ने अदम्य साहस और असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया। संदिग्ध गतिविधि की पहचान होते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारी गोलीबारी के बीच निकट मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया।
उनका यह पराक्रम, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और अटूट साहस भारतीय सेना के शौर्य और परंपरा का गौरवशाली उदाहरण है।
हिमाचल की वीरभूमि को अपने जांबाज सपूत पर गर्व है।
जय हिंद! 🇮🇳
वीर भूमि हिमाचल के लाल ऊना ज़िला के चढ़तगढ़ गांव से संबंध रखने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज पराशर को राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया ।

29 अप्रैल 2025 को असम में संचालित एक विशेष सैन्य अभियान के दौरान मेजर अंशुल बाल्टू जी ने अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का परिचय देते हुए आतंकवादियों का सामना किया और एक आतंकवादी को मार गिराया।
मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित ऐसे वीर सपूतों के कारण ही देश सुरक्षित और गौरवान्वित है। हिमाचल प्रदेश को आप पर गर्व है।
जय हिंद! 🇮🇳




