
IBEX NEWS BUREAU,शिमला/ठियोग:
लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस और न्याय प्रणाली ने एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। माननीय अदालत एसीजेएम (ACJM) ठियोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अभियुक्त गोपाल सिंह को दोषी करार देते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब थाना ठियोग में अभियुक्त के खिलाफ एफआईआर संख्या 65/2018 (दिनांक 09.04.2018) दर्ज की गई थी। अभियुक्त पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस की ठोस पैरवी से साबित हुआ दोष
मामले की तफ्तीश के दौरान ठियोग पुलिस ने सभी आवश्यक और पुख्ता साक्ष्य जुटाए। इसके बाद अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा अदालत में मामले की बेहद प्रभावी पैरवी की गई। कोर्ट के सामने पेश किए गए गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त गोपाल सिंह के खिलाफ सभी आरोप बिना किसी संदेह के सच साबित हुए।
अदालत द्वारा सुनाया गया फैसला
प्रस्तुत साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए माननीय न्यायालय ने दोषी गोपाल सिंह को अलग-अलग धाराओं में निम्नलिखित सजा मुकर्रर की है:
धारा 279 आईपीसी (IPC): 3 महीने का साधारण कारावास और ₹500 जुर्माना।
धारा 337 आईपीसी (IPC): 3 महीने का साधारण कारावास और ₹500 जुर्माना।
धारा 181 मोटर वाहन अधिनियम: 1 महीने का साधारण कारावास और ₹500 जुर्माना।
जिला पुलिस की अपील
यह कामयाबी लापरवाही से वाहन चलाने और यातायात नियमों को हवा में उड़ाने वालों के खिलाफ जिला पुलिस कीzero-tolerance नीति को दर्शाती है। इस फैसले के बाद जिला पुलिस ने आम जनता से बेहद भावुक और जिम्मेदार अपील की है:
हमेशा यातायात नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें।
सड़कों पर वाहन चलाते समय खुद के साथ-साथ दूसरों की जिंदगी का भी सम्मान करें।
सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं, ताकि ऐसे हादसों और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।




