
जगत सिंह नेगी बोले— टापरी फल मंडी का होगा विस्तारीकरण, छोटे व सीमांत बागवानों को मिलेगा लाभ; ग्रीष्मोत्सव को जिला स्तरीय बनाने का आश्वासन
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी गत सांय किन्नौर जिला की उप-तहसील टापरी में आयोजित छः दिवसीय ग्रीष्मोत्सव के समापन्न समारोह में बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस मेले का आरम्भ 2017 में किया गया था और इसके बाद प्रत्येक वर्ष इस मेले को धूमधाम से मनाया जा रहा है तथा किन्नौरी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक उपयुक्त मंच है तथा इस आयोजन को अधिक भव्य बनाने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन संभव हो सके और युवा वर्ग आज के आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के युग में अपनी प्राचीन संस्कृति पर गर्व महसूस कर सके तथा इसे संजोने की ओर अग्रसर हो सके।
राजस्व मंत्री ने छः दिवसीय कार्यक्रम, जिसका आगाज 12 जून, 2026 को हुआ था जिसके सफल आयोजन के लिए आयोजन कमेटी को बधाई दी तथा इस महोत्सव को सरकार के समक्ष रख कर जिला स्तरीय बानाने का आश्वासन दिया।


जनजातीय विकास मंत्री ने कहा कि मेले एवं त्यौहार स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करता है और वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल की संस्कृति के सरंक्षण एवं संवर्धन की दिशा में कार्य कर रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किन्नौर अपनी समृद्ध संस्कृति, वेश-भूषा, खान-पान व पहरावे के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है तथा आज के इस बदलते परिवेश के उपरान्त भी जिला किन्नौर के लोग अपनी मूल संस्कृति से जुड़े है तथा अपनी सांस्कृतिक धरोहरों, रीति-रिवाजों को कायम रखे हुए हैं।
राजस्व मंत्री ने कहा कि मेले व त्यौहार आपसी भाईचारे का प्रतीक है तथा जनजातीय जिलों में कठिन भोगौलिक परिस्थितियों के कारण यह आवश्यक हो जाता है कि इस प्रकार के मेले व त्यौहार समय-समय पर आयोजित होते रहें ताकि आपसी भाईचारे के साथ-साथ आम लोग मनोरंजन के माध्यम से अपने तनाव व थकान को दूर कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में मेले व त्यौहारों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।
राजस्व मंत्री बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, वन अधिकार अधिनियम-2006, मनरेगा अधिनियम-2005 निर्धन व उपेक्षित वर्गों के सरंक्षण व उत्थान में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय हैं जो कांग्रेस सरकार की गरीबों के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तथा नौतोड अधिनियम-1968 जिससे हिमाचल प्रदेश में उपेक्षित एवं भूमिहीनों को जमीन का मालिकाना हक मिला है जो कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंत सिंह परमार की देन है।
श्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि टापरी फल मंडी का विस्तारीकरण किया जाएगा तथा टापरी क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के तहत आइसलैंड की कंपनी की मदद से भू-तापीय ऊर्जा प्रणाली से सीए स्टोर का निर्माण किया जा रहा है जिससे छोटे एवं सीमांत बागवानों को लाभ मिलेगा।
जन शिकायत निवारण मंत्री ने कहा कि आयोजन कमेटी द्वारा इस मेले में महिला मण्डलों की कब्ब्डी व रस्सा कस्सी की प्रतियोगिता करवाई गई जो कि सराहनीय है और आने वाले समय में बाक्सीग प्रतियोगिता आयोजित करने पर बल दिया। उन्होनें बताया कि अगले वर्ष से इस मेले में चंगाव तथा उरनी से होते हुए वाया चोलिंग होते हुए मैराथन का आयोजन करवाने के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों को सी.बी.एस.ई बोर्ड में परिवर्तित किया जा रहा है जिसके तहत जिला के भावानगर, सांगला, रिकांग पिओ, कानम व निचार के विद्यालयों को सी.बी.एस.ई बोर्ड से जोड़ा गया है तथा अगले सत्र में पूह व कटगांव स्कूल को भी जोडा जाएगा। उन्होंने बताया कि टापरी क्षेत्र में राजकीय उच्च विद्यालय शोलटू को 12वीं कक्षा तक स्तरोन्नत किया जाएगा वाणिज्य और साइंस विषयों के साथ और इस विद्यालय में सीबीएसई पैटर्न अपनाया जाएगा ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। ताकि बच्चों गुणवतापूर्ण शिक्षा प्रदान किया जा सकेें।
बागवानी मंत्री ने मेला कमेटी को 1 लाख 50 हजार की राशि एवं मेले के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति करने के लिए सभी महिला मण्डालों को 15-15 हजार रूपये तथा छः दिवसीय ग्रीष्मोत्सव में मंच संचालन करने के लिए आशा कुमारी को 25 हजार रूपये देने की घोषण की।
जनजातीय विकास मंत्री ने मेले में उनके साथ आए अतिथियों द्वारा मेला कमेटी को 35 हजार रूपये की राशि देने पर उनका धन्यावद किया।
इस अवसर पर उप-पुलिस अधीक्षक भावानगर राज कुमार, किनफेड अध्यक्ष चंद्र गोपाल नेगी, निदेशक ए0पी0एम0सी0 शिमला-किन्नौर प्रेम नेगी, जन-जातीय सलाहकार समिति के सदस्य डॉ सूर्या बोरस नेगी, इंटक नेता एवं प्रधान शुदारंग कुलवंत सिंह नेगी, बाल कृष्ण एवं आशा नेगी पंचायत समीति सदस्य, पूर्व जिल परिषद सदस्य हितेश नेगी, महा सचिव किन्नौर कांग्रेस कमेटी अधिवक्ता निर्मल चन्द्र नेगी, जिला भूतपूर्व सैनिक समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी, निचार ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल नेगी, बीर सिंह नेगी, सहित अन्य अधिकारी एवं कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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