
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। आगामी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा में बैठने जा रहे सभी छात्र-छात्राओं को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बसों में आने-जाने के लिए निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की गई है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और वहां से वापस घर लौटने में किसी भी प्रकार की वित्तीय या परिवहन संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।

हिमाचल प्रदेश में हर साल करीब 19,000 सेअधिकअभ्यर्थी चिकित्सा सीटों की इस कड़ी दौड़ (NEET परीक्षा) में शामिल होते हैं। इस बार भी प्रदेश भर के हजारों छात्र अपनी तैयारियों को परखने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचेंगे।
सीटों का गणित: परीक्षार्थी राज्य के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों जैसे IGMC शिमला, डॉ. आरपीजीएमसी टांडा, और डॉ. वाईएसजीएमसी नाहन समेत कुल 8 मेडिकल कॉलेजों की लगभग 970 MBBS सीटों के लिए अपनी किस्मत आजमाएंगे।
मुफ्त यात्रा के नियम और शर्तें
अधिकारियों द्वारा जारी पत्र के तहत इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:
1. साधारण बसें: यह निःशुल्क यात्रा सुविधा केवल HRTC की साधारण (Ordinary) बसों में ही मान्य होगी।
2. एडमिट कार्ड है अनिवार्य: छात्रों को टिकट के स्थान पर अपना NEET एडमिट कार्ड (Admit Card) परिचालक (Conductor) को दिखाना होगा, जो पहचान और परीक्षा केंद्र के प्रामाणिक सबूत के रूप में काम करेगा।
3. यात्रा की सीमा: यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक जाने (Onward) और वहां से वापस आने (Return) की एक-एक यात्रा के लिए ही वैध होगी।
4. समय सीमा: छात्रों की सहूलियत के लिए यह सुविधा 20.06.2026 से लेकर 22.06.2026 (दोनों दिन सम्मिलित) तक खुली रहेगी ताकि दूर-दराज के छात्र एक दिन पहले भी केंद्र तक पहुंच सकें।
सरकार के इस कदम से प्रदेश के मध्यम और ग्रामीण परिवेश से आने वाले उन हजारों परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी, जिनके बच्चे इस बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और परिचालकों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।




