
चीन सीमा और स्पीति घाटी का संपर्क पूरी तरह कटा, उटनी ढांक के पास पुल टूटने से नेशनल हाईवे पर लगा गाड़ियों का लंबा जाम
किन्नौर के उरनी में सतलुज नदी पर बना 190 फीट लंबा बेली ब्रिज मंगलवार को ओवरलोड डंपर गुजरने के दौरान टूट गया। चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि पुल नदी में समा गया। एनएचएआई ने ओवरलोड वाहन को हादसे का कारण बताया है।
IBEX NEWS BUREAU,शिमला/किन्नौर
हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला किन्नौर में नेशनल हाईवे 05 (NH-05) पर उटनी ढांक के पास सतलुज नदी पर बना एक मजबूत लोहे का बेली ब्रिज (पुल) ताश के पत्तों की तरह ढह गया है। सुबह लगभग 11 बजे चोलिंग क्षेत्र के पास हुए इस भयंकर हादसे के कारण क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।गनीमत रही कि जानी नुकसान नहीं पहुंचा हालांकि ब्रिज पार करते वक्त बीच में भारी डंपर फंसा।स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।सतलुज नदी पर बना 190 फीट लंबा बेली ब्रिज चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि पुल नदी में समा गया। एनएचएआई ने ओवरलोड वाहन को हादसे का कारण बताया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब रेत से लदा एक ओवरलोड भारी-भरकम डंपर पुल को पार कर रही थी। ओवरलोडिंग या अत्यधिक भार के कारण लोहे का यह पुल बीच से पूरी तरह मुड़ गया और डंपर समेत नीचे सीधे सतलुज नदी की तेज लहरों की तरफ जा गिरा। तस्वीर ज़ूम करके देखने पर डंपर गाड़ी का पीला केबिन अभी भी पुल के मलबे के बीच बेहद खतरनाक स्थिति में फंसा हुआ नजर आ रहा है।

इस पुल के अचानक जमींदोज हो जाने की वजह से सामरिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इस रूट पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।

चीनसीमा (Spiti/China Border) की तरफ जाने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है।

काजा (Kaza), चांगो (Chango), औरपूह (Pooh) जैसे मुख्य क्षेत्रों के लिए वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है।

हादसे के तुरंत बाद दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैकड़ों पर्यटक भी बीच रास्ते में फंस गए हैं।यह बेली ब्रिज उरनी ढांक में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर लगातार होने वाले भूस्खलन के कारण एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग के रूप में वर्षों पहले बनाया गया था।
- हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। नदी में गिरे डंपर के चालक और सह-चालक की स्थिति का पता लगाने के साथ-साथ मार्ग को वैकल्पिक तौर पर बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।



