
एचएफआरआई शिमला में इको टास्क फोर्स के जवानों को सिखाई गई आधुनिक वानिकी तकनीकें
वन संरक्षण और वृक्षारोपण में दक्षता बढ़ाने के लिए 25 सैनिकों को विशेष प्रशिक्षण
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के अंतर्गत हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान (एचएफआरआई), शिमला द्वारा 23 से 24 जून, 2026 तक जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री एवं डोगरा रेजीमेंट की इको टास्क फोर्स के अधिकारियों एवं सैनिकों के लिए “महत्वपूर्ण वानिकी प्रजातियों की बीज, नर्सरी एवं रोपण तकनीक” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।



कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर प्रशिक्षण समन्वयक एवं वैज्ञानिक पीताम्बर सिंह नेगी ने संस्थान की निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल, वैज्ञानिकों तथा प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों एवं सैनिकों का स्वागत किया। उन्होंने उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में संस्थान द्वारा किए जा रहे वानिकी अनुसंधान कार्यों की जानकारी भी प्रतिभागियों के साथ साझा की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान की निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इको टास्क फोर्स हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन और वृक्षारोपण कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त हिमालयी क्षेत्रों के पुनर्वास एवं पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से इको टास्क फोर्स की स्थापना की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों में वन आवरण को बढ़ाना है।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन वैज्ञानिक पीताम्बर सिंह नेगी ने देवदार, चिलगोजा, जुनिपर, भोजपत्र, राई, तोष, तालिशपत्र, बान, बानी, मोहरू, खरसू तथा ब्रे ओक जैसी महत्वपूर्ण हिमालयी वानिकी प्रजातियों की नर्सरी एवं वृक्षारोपण तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वैज्ञानिक-एफ डॉ. पवन कुमार ने इन प्रजातियों में लगने वाले कीट-पतंगों के प्रबंधन एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक पीताम्बर सिंह नेगी ने वानिकी बीजों के संग्रहण, संरक्षण, भंडारण, सुप्तावस्था तथा बुवाई-पूर्व उपचार पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, वैज्ञानिक-जी डॉ. संदीप शर्मा ने आधुनिक नर्सरी तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले पौधों के उत्पादन पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। वैज्ञानिक-ई डॉ. मोहम्मद इब्राहीम ने वृक्षारोपण कार्यक्रमों के लिए गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के चयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
इसके अतिरिक्त वैज्ञानिक-एफ डॉ. रणजीत कुमार ने जंगल की आग एवं उसके प्रबंधन, जबकि डॉ. अश्वनी तप्वाल ने वन वृक्षों में होने वाले रोगों एवं उनके प्रबंधन पर जानकारी साझा की।
वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी कुलदेश कुमार ने ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS), केएमएल फाइल तथा वानिकी कार्यों में इनके उपयोग पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। वहीं, डॉ. संदीप शर्मा ने पौधरोपण तकनीकों और उनके प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
समापन समारोह में संस्थान की निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले इको टास्क फोर्स के 25 अधिकारियों एवं सैनिकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। प्रशिक्षण में 129 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री तथा 133 डोगरा रेजीमेंट से संबंधित इको टास्क फोर्स के अधिकारियों एवं सैनिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण समन्वयक वैज्ञानिक पीताम्बर सिंह नेगी ने निदेशक डॉ. मनीषा थपलियाल, सभी रिसोर्स पर्सन्स तथा इको टास्क फोर्स कुफरी के कमांडिंग ऑफिसर दीपक कुमार का प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

