
स्लीपर सेल, बी-टीम और विचारधारा की हार जैसे शब्दों से गरमाई सियासत; हाईकमान के फैसले पर मंत्री का सीधा हमला
IBEX NEWS BUREAU,shimlaशिमला/रिकांगपिओ।
किन्नौर कांग्रेस में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर शुरू हुई नाराजगी अब खुली राजनीतिक बगावत का रूप लेती नजर आ रही है। प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने पार्टी संगठन के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए न केवल नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, बल्कि कांग्रेस के भीतर “स्लीपर सेल” सक्रिय होने तक का आरोप लगा दिया है। मंत्री के बयान ने किन्नौर कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है और पार्टी के भीतर नए सियासी भूचाल के संकेत दे दिए हैं।
जगत सिंह नेगी ने साफ कहा कि जिन आशंकाओं को वह लंबे समय से उठाते रहे हैं, अब उनकी पुष्टि भाजपा नेताओं के बयानों से भी हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ काम करने वाले लोगों को संगठन की कमान सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे पार्टी को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नेगी ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्होंने उस दौर में कांग्रेस का झंडा उठाया जब किन्नौर में लोग कांग्रेस का नाम लेने से भी कतराते थे। उनके पिता ने जिले में कांग्रेस की नींव रखी थी, लेकिन आज पार्टी में ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है जिनकी निष्ठा और राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग लगातार चुनाव हारते रहे हों और फिर उन्हें संगठन का नेतृत्व सौंप दिया जाए, तो यह किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि कांग्रेस की विचारधारा की हार है।
“मैं चुना हुआ प्रतिनिधि हूं, फिर भी राय नहीं ली गई”
मंत्री ने संगठन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह किन्नौर के निर्वाचित विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, लेकिन इतने महत्वपूर्ण फैसले से पहले उनसे सलाह-मशविरा तक करना जरूरी नहीं समझा गया। उन्होंने कहा कि यदि उनसे राय ली जाती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोग स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे हैं, जो भाजपा की “बी-टीम” बनकर संगठन को भीतर से कमजोर करने में लगे हैं। ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देना पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।


