
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
जुब्बल, 17 जुलाई।
हिमाचल सेब उत्पादक संघ, जुब्बल ब्लॉक की कार्यकारिणी की बैठक आज जुब्बल में संघ के अध्यक्ष संजय चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न गांवों की इकाइयों से आए कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया तथा प्रदेश के बागवानों के समक्ष खड़े गंभीर कृषि एवं बागवानी संकटों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में कहा गया कि भूमि संबंधी समस्याओं के साथ-साथ अब सेब उत्पादकों की आर्थिकी पर नए संकट तेजी से गहराते जा रहे हैं। कार्यकारिणी ने विशेष रूप से भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि अमेरिका से आने वाले सेब एवं अन्य कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त किया जाता है, तो विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते हो जाएंगे। इससे हिमाचल के सेब उत्पादकों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा होगा।
बैठक में मण्डी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) को कमजोर किए जाने का भी कड़ा विरोध किया गया। कार्यकारिणी ने कहा कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार द्वारा योजना का बजट समाप्त किए जाने के बाद अब राज्य सरकार भी धीरे-धीरे इससे पीछे हट रही है। इस वर्ष योजना में नई शर्तें लागू कर डिपुओं तथा बोरियों की संख्या में कटौती सहित कई प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, जिससे बागवानों की परेशानियां और बढ़ेंगी तथा योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा।
कार्यकारिणी ने सेब के बगीचों में लगातार बढ़ रही असामयिक पतझड़ तथा अन्य बीमारियों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। बैठक में कहा गया कि बागवानी विभाग तथा संबंधित विश्वविद्यालय इन समस्याओं के प्रभावी समाधान देने में विफल रहे हैं। दूसरी ओर सरकार बागवानी क्षेत्र में दी जाने वाली सहायता एवं सब्सिडी भी लगातार कम कर रही है। विभागों में आवश्यक स्प्रे दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण बागवानों को बिना पर्याप्त वैज्ञानिक मार्गदर्शन के बाजार से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इसके बावजूद पतझड़ की समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे उत्पादन और आय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पर लोकतांत्रिक और संगठित दबाव बनाना आवश्यक है। इसके लिए गांव-गांव में संगठन को मजबूत करना तथा बागवानों की व्यापक एकजुटता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 जुलाई 2026 को भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रम में हिमाचल सेब उत्पादक संघ सक्रिय भागीदारी करेगा। जुब्बल ब्लॉक कार्यकारिणी ने जुब्बल में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया।
इसके अतिरिक्त 25 जुलाई 2026 को प्रातः 11 बजे कालीबाड़ी हॉल, शिमला में आयोजित प्रदेश स्तरीय कन्वेंशन में जुब्बल ब्लॉक से लगभग 10 प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि 10 अगस्त 2026 को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन की तैयारियों के लिए गांव-गांव जाकर किसानों एवं बागवानों को संगठित किया जाएगा तथा संगठन विस्तार और आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
बैठक के उपरांत अध्यक्ष संजय चौहान ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने बागवानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया और कृषि-बागवानी विरोधी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो प्रदेश का बागवान अपने अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए व्यापक जनसंघर्ष छेड़ने को विवश होगा।



