
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के मस्तरंग क्षेत्र में अचानक बादल फटने (Cloudburst) से भारी तबाही हुई है। मस्तरंग नाले में आई मलबे की भीषण बाढ़ ने इलाके में भारी नुकसान पहुंचाया है। गनीमत यह रही कि इस आपदा में फिलहाल किसी के हताहत होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन क्षेत्र में अभी भी खतरा मंडरा रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, बादल फटने के बाद नाले का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया, जिसके साथ भारी मात्रा में पत्थर और गाद (मलबा) बहकर नीचे आ गए। मलबे के इस सैलाब ने रास्ते में आने वाले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के चेक पोस्ट, आवासीय परिसर और एक स्थानीय मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया।
शनिवार शाम करीब 5 बजे किन्नौर के मस्तरंग के समीप गारगे नाले में आई बाढ़ से आईटीबीपी कैंप जवानों के बेरीको में मलबा घुस गया। भारी मलबे और विशाल पत्थरों ने सड़क को पूरी तरह ढक दिया जिससे सड़क का नामोनिशान मिट गया है। दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
हसीलदार सांगला हरदयाल सिंह ने बताया कि बाढ़ के चलते फिलहाल अभी किसी भी तरह की कोई जानी नुकसान की सूचना नहीं हैं उन्होंने कहा कि राजस्व टीम को मौके के जायजा के लिए घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया हैं
संबंधित विभाग यानी सीमा सड़क संगठन मार्ग बहाल करने के लिए स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
नाले के आसपास के हिस्सों में भारी भूमि कटाव (Soil Erosion) भी देखा गया है। सुरक्षा बलों के जवान और स्थानीय लोग स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि पानी और मलबे का बहाव अभी भी तेज बना हुआ है।



प्रशासन की चेतावनी: मस्तरंग के पास बरतें एहतियात
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से मस्तरंग तथा इसके आस-पास के नदी-नालों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है।


