
दो अलग-अलग NDPS मामलों में कार्रवाई, 2026 में अब तक 59 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार और 75 अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए बैकवर्ड लिंकेज (Backward Linkage) के माध्यम से दो अलग-अलग मामलों में पंजाब के दो मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस मुख्य सप्लायरों तक पहुंचने में सफल रही। इस कार्रवाई को अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।

पहला मामला पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर संख्या 87/2026 से जुड़ा है। 15 जुलाई को स्पेशल सेल शिमला ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के एक होटल में छापेमारी कर लुधियाना निवासी सागर सिंह, आकाश और अंकित कुमार को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 21 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई थी।
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ, मोबाइल डेटा, सीडीआर और ऑनलाइन लेन-देन की जांच में सामने आया कि यह नशा लुधियाना निवासी साहिल शर्मा से खरीदा गया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी आकाश ने 7 जुलाई को साहिल के बैंक खाते में 3 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे, जबकि बाकी भुगतान नकद होना था। मोबाइल से बरामद ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने 18 जुलाई को लुधियाना पहुंचकर साहिल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसके खिलाफ चोरी और स्नैचिंग सहित अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज पाए गए।
दूसरा मामला पुलिस थाना चिड़गांव में दर्ज एफआईआर संख्या 68/2026 का है। 20 जुलाई को पुलिस ने अमृतसर निवासी मनिन्दर सिंह को 16 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने यह हेरोइन अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी।
इसके बाद पुलिस टीम अमृतसर पहुंची, जहां आरोपी की निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य सप्लायर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और सीडीआर से आरोपी मनिन्दर सिंह के साथ संपर्क की पुष्टि हुई, जिसके बाद उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।
जिला पुलिस शिमला के अनुसार वर्ष 2026 में नशा तस्करी के खिलाफ बैकवर्ड लिंकेज के जरिए की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में सबसे प्रभावी रही है। इस वर्ष अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल सहित विभिन्न राज्यों से 59 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 75 अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं।
तुलनात्मक रूप से वर्ष 2025 की इसी अवधि में केवल 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क तोड़े गए थे, जबकि वर्ष 2024 में भी 7 मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के साथ 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। पुलिस का कहना है कि अब उसका लक्ष्य केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म कर मुख्य सप्लायरों तक पहुंचना है।


