देशभर के350 विशेषज्ञ निश्चेतन चिकित्सकों ने किया शिमला आईजीएमसी में मंथन।

…एनेस्थीसिया की नई तकनीकों, कॉम्प्लिकेशंस,कमियों,चुनौतियों पर खुले दिल से हुई चर्चा और निकले कई निष्कर्ष भी।

IBEX NEWS, शिमला।
हम,हमारे आस पास के लोग या हमारे अपने कभी न कभी आए दिन किसी भी प्रकार की छोटी बड़ी सर्जरी या ऑपरेशन से रूबरू होते ही है। ऑपरेशन के दौरान इससे पहले और बाद में मरीज को किस प्रकार से बेहतर देखभाल से सहज और सामान्य रखा जा सकता हैं। इसके लिए प्रदेश के प्रीमियम चिकित्सा संस्थान आईजीएमसी शिमला में देशभर के विशेषज्ञ डॉक्टरों का पेरीऑप्रेटिव केयर विषय पर मंथन हुआ और जिससे कई निष्कर्ष भी निकले। मॉडर्न तकनीक, फ्रेंडली मोबाइल एप्लीकेशंस, नई चिकित्सा तकनीक को कहां ,कैसे इस फील्ड में उपयोग में लाया जा रहा है कैसे मेट्रनल मॉर्बिडिटी, मॉर्टलिटी को कम किया जा सकता है इस पर विस्तृत चर्चा हुई।


देश के 350 विशेषज्ञ डॉक्टर इस समेलन में भाग लिया ।कॉलेज के अटल सभागार में रविवार को किन्नर कैलाश हॉल ,मणिमहेश हाल,श्रीखंड हॉल के अलावा चूड़धार हाल में विभिन्न सेशन और पेपर प्रेजेंटेशन हुए।


एनेस्थीसिया विभाग की और से आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थियोलॉजिस्ट के सम्मेलन के दौरान किन्नर कैलाश हॉल में” इंटेंसिव केयर मेडिसिन” पर डॉक्टर अमनजोत,डॉक्टर विवेक मित्तल ने बारीकियां रखी।वहीं “यूएसजी इन क्रिटिकल केयर:टाइम टू मूव फ्रॉम रूटीन एक्सरे ” के संबंध में एम्स दिल्ली से पहुंचे डॉक्टर दलीम दहिया ने प्रकाश डाला। लखनऊ के डॉक्टर अफजल अज़ीम ने एंटीबायोटिक स्टेवर्डशिप पर अहम बिंदुओं पर अपने प्वाइंट रखे।


इसके बाद इंप्रूविंग पेरिओप्रेटिव केयर को लेकर भी देहरादून के चिकित्सक डॉक्टर प्रिया रामाकृष्णन ने बात रखी। इस अयोजन का मुख्य ध्येय भी इन्ही बिंदुओं पर रहा है कि कैसे मरीज की केयर ऑपरेशन के दौरान (पहले तथा बाद में )और बेहतर की जा सकती है। इस विषय को खूब सराहा गया और विचारों का आदान प्रदान हुआ।

दूसरे लेक्चर थिएटर में भी पैरलल पेपर और प्रस्तुतियां जारी रही। एनेस्थीसिया फॉर जीआई एंडोस्कोपी टिप्स एंड ट्रिक्स डॉक्टर गौरव, ग्लाइसेमिक कंट्रोल फैक्ट्स एंड माइथ्स डॉक्टर रेणु ने अहम जानकारी दी।


इसके बाद दूसरे सेशन में डॉक्टर ओहरी डॉक्टर गुरजीत खुराना ने न्यूरो साइंस इन एनेस्थीओलोजी, अवेक क्रेनियोटमि और इसे कैसे संभव बनाया जा सकता है इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।

वहीं चंडीगढ़ जीएमसीएच की डॉक्टर सुकन्या के टॉपिक क्रोनिक पोस्टसुर्जिकल पैन और अत्याधुनिक हाइलाइट्स क्या है ? सबका ध्यान आकर्षित किया। यदि किसी मरीज की मौत ऑपरेशन के दौरान टेबल पर हो जाएं और इसके क्या प्रभाव ,परिणाम रहते है कैसे हैंडल हो।इस विषय पर टांडा मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर शैली की प्रेजेंटेशन कबीलेगौर रही। ऐसे में जब इस दौरान गंभीर परिस्थितियां हो जाती है इस विषय पर भी देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विचार सांझा किए।

जबकि
डॉक्टर शरद हरिद्वार से सर्जरीज के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही और सावधानियों पर रखे अहम बिंदु भी समेलन् भी चर्चा का केंद्र रहे।
रविवार को कई विषयों पर पैनल डिस्कशन भी हुआ।मैट्रेनल मॉर्बिडिटी एंड मॉर्टलिटी जैसे मामलों यानी गर्भावस्था के दौरान होने वाली कई गंभीर बीमारियों और इनसे मौत पर चर्चा हुई।
प्रेगनेंसी में दिल का दौरा एम्स बिलासपुर की डॉक्टर अनीता,सेप्सिस इन प्रेगनेंसी _करंटअपडेट पीजीआई की डॉक्टर कोमल गांधी,न्योनेटल आउटकम डज एनेस्थीजीया मैटर डॉक्टर अमृता बनर्जी,

कंप्रीहेंसिव मैटरनल ट्रायज प्रोटोकॉल देहरादून के डॉक्टर सौरभ,अपडेट्स इन एलएससीएस एनेस्थीसिया डॉक्टर गगनजोत्त ने बेहतर तरीके से बिंदुओं पर बात रखी।पीजीआई की डॉक्टर दिव्या जैन इस मौके पर मॉडरेटर रहीं।


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इस क्षेत्र में फ्रेंडली मोबाइल एप्लीकेशंस के इस्तेमाल और उपयोगिता पर भी बात हुई और अच्छी खासी दिलचस्पी इस टॉपिक के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों में दिखी। टांडा के डॉक्टर श्याम भंडारी ने इस विषय पर टेक्निकल पॉइंट्स रखे थे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन एनेस्थीसिया एंड पेरिओप्रेटिव मेडिसिन पर भी खुलकर विचारों का आदान प्रदान हुआ।देहरादून की डॉक्टर निधि कुमार ने ये प्रेजेंटेशन पेश की । इन पहलुओं पर टेक्नोलॉजी और एनेस्थीसिया चेयरपर्सन डॉक्टर अर्पणा और डॉक्टर मनजीत कंवर रहे।
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इस समेलन में अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के वीसी डॉक्टर सुरेंद्र कश्यप मुख्य अतिथि और गेस्ट ऑफ ऑनर डीएमई कम प्रिंसिपल एआईएमएसएस चमियाना डॉक्टर रजनीश पठानिया रहे।प्राचार्य डॉक्टर सीता ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित रही।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉक्टर धारा सिंह नेगी ने वोट ऑफ थैंक्स किया और ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन डॉक्टर अजय सूद ,पैटर्न डॉक्टर सुरेंद्र ने सभी उत्कृष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्वागत किया।
इस अवसर को सफल बनाने के लिए सोसाइटी की राज्य अध्यक्ष डॉक्टर ज्योति पठानिया ने प्रयास किए।वहीं डॉक्टर कार्तिक,डॉक्टर राजेश वर्मा,डॉक्टर मनोज कुमार,डॉक्टर सोनाली,डॉक्टर रमेश कुमार,डॉक्टर मनोज कुमार पंवर,डॉक्टर अर्पणा शर्मा,डॉक्टर श्वेता महाजन,डॉक्टर यशवंत शर्मा,डॉक्टर आरती शर्मा,डॉक्टर उषा चौधरी,डॉक्टर अमित अग्रवाल,डॉक्टर अरविंद सेठी,डॉक्टर कमल पी शर्मा,डॉक्टर सोनम,डॉक्टर टक्कर,डॉक्टर सुभाष चंद की इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय भूमिका रही।