
अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि सीलबंद रिपोर्ट आज खुली अदालत में पेश की जाए। बुधवार सुबह 10 बजे अगली सुनवाई होगी ।
Posted date: May 20
IBEX NEWS,शिमला ।
HPPCl चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में हाईकोर्ट की डाँट डपट के बाद आख़िरकार सुक्खू सरकार की ओर से गठित एक सदस्यीय हाईपावर समिति यानी एसीएस ओंकार शर्मा की ओर से की गई जांच रपट को सील्ड कवर में आज अदालत में पेश की गई है । यहीं नहीं डीजीपी हिमाचल प्रदेश ने भी सीलबंद लिफाफे में एक और रजिटर्स्ड जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी । सरकार द्वारा इस मामले में करवाई गई एसीएस जांच में नया मोड ये है कि बतौर होम सेक्रेटरी एसीएस ओंकार शर्मा ने सीलड हलफनामा दायर कर हाईकोर्ट में फाइल किया है कि वे अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुके हैं । हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में चालान पेश करने पर फिलहाल पाबंदी लगा दी है कि जब तक उच्च न्यायालय के आदेश न हो तब तक चालान पेश नहीं किया जा सकता है। मंगलवार सुबह इस मामले की सुनवाई के दौरान जब वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. बावा की अगुवाई में राजीव रॉय, चमन नेगी, अधिवक्ता विवेकानंद नेगी मामले की पैरवी करते हुए अपील की कि हमे स्टेटस रिपोर्ट मुहैया करवाई जाए ।इस केस में कोई भी स्टेटस रिपोर्ट हमें नहीं मिले हैं तो एडवोकेट जनरल ने भी इस मामले पर अपने हाथ खड़े कर दिए कि केस को प्रेज़ेंट नहीं किया जा रहा है कोई भी स्टेटस रिपोर्ट मौजूद नहीं है तो हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि दोपहर बाद सुनवाई में केस की जाँच स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें I अदालत ने सरकार को दोपहर बाद तमाम रपटें अदालत को सौंपने के आदेश दिए।।इससे पूर्व विमल नेगी के परिजनों के पक्ष की ओर से वकीलों की दलीलें रही कि सुक्खू सरकार द्वारा की गई जाँच को पब्लिक नहीं किया जा रहा है और न ही याचिकाकर्ता से साझा की जा रही थी। यही नहीं इस रपट को आरटीआइ के तहत भी साझा नहीं किया जा रहा है ।ऐसे में जब दिवंगत विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी की ओर से सीबीआइ जांच की मांग को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान उनकी ओर से मामले की पैरवी कर रहे पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ एडवोकेट आर के बाबा ने सुबह अदालत से इस रपट को साझा करने की मांग की।बताया कि एसीएस की जाँच रिपोर्ट स्टेटस इंक्वायरी का हिस्सा है ।अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि सीलबंद रिपोर्ट मंगलवार को खुली अदालत में पेश करें । अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और डीजीपी यानी पुलिस महानिदेशक की ओर से बंद लिफाफों में पेश की गई इन रपटों को अदालत ने लिफाफों से बाहर किया और रपटों को याचिकाकर्ता के साथ साझा करने के आदेश दिए गए हैं।बुधवार सुबह 10 बजे अगली सुनवाई होगी ।HPPCL के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत मामले में उनकी पत्नी किरण नेगी द्वारा सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में केस एडमिट होने के बाद सरकार को नोटिस जारी हुआ था और तीन सप्ताह में पूरे मामले में स्टेटस रिपोर्ट देने के निर्देश किए थे ।
बहरहाल, इस पर मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश न्यायामूर्ति अजय मोहन गोयल ने इस रपट को याचिकाकर्ता के साथ साझा करना है या नहीं ये तय करने के लिए कल या 21 मई को सुनवाई निर्धारित कर दी हैं।
अदालत ने आज विमल नेगी की रहस्यमय मौत के मामले की जांच कर रही शिमला पुलिस को आदेश दिए कि वो इस मामले में चालान पेश न करे। अदालत ने कहा कि चालान पेश करने से पहले उसे अदालत की मंजूरी लेनी होगी।
दीगर हो कि दिवंगत विमल नेगी के परिवार वालों की तरफ से लगातार ये इल्जाम लगाए जा रहे है कि विमल नेगी की रहस्यमयी मौत पर से पर्दा उठाने में पुलिस 60 दिन से ज्यादा का समय हो जाने के बावजूद नाकाम रही हैं।
पावर कारपोरेशन के दिवंगत चीफ इंजीनियर विमल नेगी 10 मार्च को शिमला से बिलासपुर गए थे और वो तब से लापता थे ।
एचपीपीसीएल के मुख्य अभियंता-सह-महाप्रबंधक विमल नेगी के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए याचिका दायर कर न्याय की मांग करते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पुलिस जांच में गंभीर खामियों और प्रगति की कमी का हवाला देते हुए परिवार ने गड़बड़ी और संस्थागत उत्पीड़न का आरोप लगाया है।। 10 मार्च को लापता होने की सूचना मिलने के आठ दिन बाद 18 मार्च को बिलासपुर में भाखड़ा बांध से नेगी का शव बरामद किया गया। पत्नी किरण नेगी ने याचिका में कहा है कि विमल नेगी की मौत की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की आवश्यकता है क्योंकि ऐसी एजेंसी द्वारा केवल गहन और निष्पक्ष जांच ही यह सुनिश्चित कर सकती है कि न्याय मिले और सच्चाई सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया है कि राज्य पुलिस की जांच टीम में ऐसे अधिकारी शामिल हैं जो राज्य सरकार के प्रभाव में हैं और मुख्य रूप से मामले में hppcl से निलंबित निदेशक देश राज के जिले से हैं जो पक्षपात और निष्पक्षता की भावना की चिंता पैदा कर रहा है।तीन संदिग्ध आरोपियों अर्थात् हरिकेश मीना, शिवम प्रताप सिंह और देश राज से कोई पूछताछ नहीं की गई है और न ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोई इच्छा दिखाई है, इसलिए यह उचित मामला है कि जांच को सीबीआई को सौंपने की आवश्यकता है। सरकारी एजेंसी और पुलिस विभाग ने मृतक के परिवार के सदस्यों को आश्वासन दिया था कि विमल नेगी की रहस्यमय मौत की गहन जांच की जाएगी और 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई है। आज तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और पुलिस विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। मामले में सचिव (गृह) हिमाचल प्रदेश सरकार,अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह),एच.पी. पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिमफेड भवन, पंजरी, मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला-171002 के माध्यम से,पुलिस महानिदेशक,पुलिस अधीक्षक, शिमला को प्रतिवादी बनाया है ।
इस बीच, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को विभागीय जांच करने का काम सौंपा गया। हालांकि उनकी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई थी , लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।




