
- इन तीन बड़े कारणों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया और न्यायालय ने कहा है कि इस मामले में एक असाधारण स्थिति है, जिसके लिए मामले की जांच CBI द्वारा की जानी जरूर है। इस संबंध में HP DIG ने स्वयं अपनी स्थिति रिपोर्ट में जांच के तरीके और पद्धति पर गंभीर चिंता जताई है। SP शिमला की देखरेख में गठित SIT ने महाधिवक्ता के माध्यम से एसआईटी द्वारा की जा रही जांच पर इस प्रकार के प्रश्नचिह्न लगाने के लिए डीजीपी के अधिकार पर सवाल उठाए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) स्तर के अधिकारी यानि आईएएस ओंकार चंद द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट अभी तक प्रकाश में नहीं आई है।
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इन तीन बड़े कारणों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया और कहा है कि इस मामले में एक असाधारण स्थिति है, जिसके लिए मामले की जांच CBI द्वारा की जानी जरूर है। इस संबंध में HP DIG ने स्वयं अपनी स्थिति रिपोर्ट में जांच के तरीके और पद्धति पर गंभीर चिंता जताई है। SP शिमला की देखरेख में गठित SIT ने महाधिवक्ता के माध्यम से एसआईटी द्वारा की जा रही जांच पर इस प्रकार के प्रश्नचिह्न लगाने के लिए डीजीपी के अधिकार पर सवाल उठाए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) स्तर के अधिकारी यानि आईएएस ओंकार चंद द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट अभी तक प्रकाश में नहीं आई है।
“न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने कहा ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर संदेह पैदा करते हैं, हालांकि महाधिवक्ता द्वारा स्थिति रिपोर्ट की सत्यता पर सवाल उठाया गया है। यह सब दर्शाता है कि जबकि एसआईटी दावा कर रही है कि वह सही परिप्रेक्ष्य में जांच कर रही है, हालांकि, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक इससे असहमत हैं। इतना ही नहीं, एसआईटी द्वारा जिस तरीके से जांच की जा रही है, वह भी प्रथम दृष्टया अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की जांच रिपोर्ट में आई बातों से मेल नहीं खाती है।
यह न्यायालय इस संबंध में कोई और टिप्पणी करने से खुद को रोक रहा है। कम से कम, अगर राज्य के पुलिस महानिदेशक को खुद जांच की निष्पक्षता के बारे में चिंता है, तो भले ही यह जांच एसआईटी द्वारा सही गंभीरता से की जा रही हो, एसआईटी की रिपोर्ट चाहे जो भी हो, इससे कभी भी विश्वास पैदा नहीं होगा।
उपरोक्त चर्चा के आलोक यह न्यायालय इस संबंध में कोई और टिप्पणी करने से खुद को रोक रहा है। कम से कम, अगर राज्य के पुलिस महानिदेशक को खुद जांच की निष्पक्षता के बारे में चिंता है, तो भले ही यह जांच एसआईटी द्वारा सही गंभीरता से की जा रही हो, एसआईटी की रिपोर्ट चाहे जो भी हो, इससे कभी भी विश्वास पैदा नहीं होगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) स्तर के अधिकारी द्वारा की गई जांच की रिपोर्ट अभी तक प्रकाश में नहीं आई है। यह जांच रिपोर्ट स्वर्गीय श्री विमल नेगी के वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण पर गंभीर संदेह व्यक्त करती है तथा परियोजना प्रस्तावक को कथित रूप से लाभ पहुंचाने के लिए उनके द्वारा की गई अनुचितता पर उंगली उठाती है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक के हलफनामे से पता चलता है कि इस संबंध में एसआईटी द्वारा आज तक अर्थात् लगभग पिछले दो महीनों से कोई ठोस जांच नहीं की गई है, जबकि मृतक का परिवार पहले दिन से ही यह रोना रो रहा है कि विमल नेगी की गुमशुदगी तथा उसके बाद मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों से घिरी हुई है। इसलिए, जांच को विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके, यह न्यायालय इस याचिका को स्वीकार करता है तथा निर्देश देता है कि मामले की जांच राज्य पुलिस द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी जाए, जो कानून के अनुसार मामले की जांच करेगी।
उक्त जांच के दौरान, केंद्रीय जांच ब्यूरो यह सुनिश्चित करेगा कि हिमाचल प्रदेश कैडर का कोई भी अधिकारी जांच के लिए उसके द्वारा गठित विशेष जांच दल का हिस्सा न हो। यह न्यायालय आशा और अपेक्षा करता है कि सीबीआई निष्पक्षता से और यथासंभव शीघ्रता से जांच करेगी।
आर.के. बावा, वरिष्ठ अधिवक्ता, अजय कुमार शर्मा, विवेकानन्द नेगी और चमन नेगी ने हाईकोर्ट में मामले पर जोरदार पैरवी की ।चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत मामले में उनकी पत्नी किरण द्वारा सीबीआई को जाँच सौंपने की याचिका दायर की थी । सरकारी तंत्र की जाँच से विश्वास उठा है ।यहीं नहीं आरोप था कि सीएम साहब ने भी झूठ कहा कि विमल नेगी का परिवार जाँच से ख़ुशहै ।जाँच के भरोसे के बाद भी अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं ।आरोप रहा है कि जांच टीम में ऐसे अधिकारी शामिल हैं जो राज्य सरकार के प्रभाव में हैं और मुख्य रूप से मामले के आरोपी उसी जिले से हैं जो पक्षपात और निष्पक्षता की भावना की चिंता पैदा कर रहा है।किरण नेगी ने कहा है कि पति विमल नेगी अचानक लापता होने से लगभग 8 से 9 महीने पहले उक्त पद पर कार्यरत थे। 10 मार्च, 2025 को कार्यालय ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। 18 मार्च, 2025 को उनका शवगोविंद सागर झील जिला बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) से ऐसी परिस्थितियों में बरामद किया गया, जिससे उनकी मृत्यु के कारण के बारे में गंभीर संदेह पैदा हो गया। यहां यह उल्लेख करना उचित है कि 15 मार्च, 2025 को याचिकाकर्ता अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्रतिवादी प्राधिकारियों के कार्यालय गई और अपने पति के लापता होने के संबंध में एक लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। प्रतिवादियों/प्राधिकारियों ने याचिकाकर्ता को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार मामले की पूरी पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। 19 मार्च को याचिकाकर्ता ने एचपीपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों हरिकेश मीना- प्रबंध निदेशक, शिवम प्रताप सिंह- निदेशक (कार्मिक और वित्त) और देश राज- निदेशक (विद्युत) के खिलाफ न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि इन अधिकारियों ने उसके पति को बिजली परियोजनाओं से संबंधित फाइलों को अनुचित तरीके से संसाधित करने और सिफारिश करने के लिए दबाव डालकर लगातार मानसिक उत्पीड़न किया, जिसके कारण कथित तौर पर उनकी संदिग्ध मृत्यु हो गई।
किन्नौर के लोग हाईकोर्ट के निर्णय से गदगद: देखें प्रतिक्रिया
- welcome today’s decision of the Hon’ble High Court in the case of late Vimal Negi. Although in the last two months the so-called SIT has destroyed the evidences instead of gathering them, despite this, it is expected from the CBI that they will go to the root of the matter and expose the so-called scam in HPPCL. Vimal Negi’s martyrdom will not go in vain. In fact this case will give hope & support in coming times, many officers of HPPCL, electricity board and other government institutions are forced to work in a suffocating environment.
Maheshwar Negi
Ex Chairman BDC Pooh Block Kinnaur
- विमल नेगी हत्या मामला हाईकोर्ट ने CBI को सोंपा। उम्मीद बंधी है कि हत्यारे और उनको शह देने वाले राजनीतिक आका भी सलाखों के पीछे होंगे। भगवान् के घर देर है अंधेर नहीं:भागमल चौहान
- Fair and Judicious Inquiry is expected from CBI to unearth the factual circumstances lead to untimely end the life of our young and honest Kinnaura Sr. Level Engineer. Culprits must punished with appropriate pain and penalty. Hats off to Legal Team and high regards to honble HC of HP.:Anguet dorje negi
- Now that CBI will be investigating this case, I’m sure many heads will roll including the police officers who tried their best to hush up the case by interfering and putting undue pressure on Investigating officers. Hope at last truth will prevail and justice will be done.: SKBS Negi retried IAS officer
- CONGRATS to our legal Team:Vidya Negi




