
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग में दो गैर-सरकारी सदस्यों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की है। नियुक्त सदस्य बिलासपुर से रीना देवी और कांगड़ा से b रीना दरोच हैं। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगी और तीन वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, कार्यरत रहेगी।
उनकी नियुक्ति की शर्तें और नियम हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग (अध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन एवं भत्ते तथा सेवा शर्तें) नियम, 1999 के अनुसार हैं। यह निर्णय जून 2025 में विद्या नेगी को हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद लिया गया है, जो 30 महीने से अधिक समय से रिक्त पद को भरेंगे।
यह आयोग महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, न्याय सुनिश्चित करने और समाज में उनकी गरिमा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका गठन 1993 में हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया था। आयोग के उद्देश्यों में महिलाओं के कल्याण की रक्षा और उसे बढ़ावा देना, लिंग आधारित मुद्दों से निपटना, तथा उन कानूनों में संशोधन की सिफारिश करना शामिल है जो महिलाओं को न्याय प्रदान करने में विफल रहते हैं।

- गठन: हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए एक वैधानिक निकाय के रूप में 1993 में इसकी स्थापना की गई थी।
- उद्देश्य: महिला कल्याण की रक्षा और संवर्धन, लिंग-आधारित मुद्दों से निपटना और महिलाओं को न्याय प्रदान करने में विफल रहने वाले कानूनों में संशोधन की सिफारिश करना।
- हाल ही में नियुक्ति: वरिष्ठ कांग्रेस नेता विद्या नेगी को 20 जून, 2025 को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वे 30 महीने से अधिक समय से रिक्त पद पर कार्यरत हैं।¹ ²
आयोग के दायित्व:
- महिलाओं के मुद्दों का समाधान करना और न्याय प्रदान करना
- घरेलू हिंसा और महिलाओं के विरुद्ध अन्य अपराधों के मामलों को निपटाना
- महिला सशक्तिकरण के लिए नीतिगत बदलावों की सिफ़ारिश करना
- सुनवाई करना और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना
इस कदम का उद्देश्य आयोग की कार्यक्षमता को मज़बूत करना और हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करना है।




