
हिमाचल में जिला स्तर पर बने 874 सदस्य एवं पदाधिकारी जिसमें महिलाएं 358 और अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी 258
- 500 सांसदों वाली कांग्रेस आज सिमट कर रह गई।
IBEX NEWS,शिमला।
हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को सभी संगठनात्मक जिलों में कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2 से 4 दिनों में प्रदेश पदाधिकारियों की सूची जारी भी कर दी जाएगी और पूरा संगठन 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएगा।

उन्होंने अपने संदेश में कहा,
“आप सभी को आपके नए दायित्व की हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपनी निष्ठा, ऊर्जा और संगठनात्मक भावना के साथ पार्टी के डिजिटल विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
नवनियुक्त टीम के गठन से भाजपा किन्नौर के सोशल मीडिया और डिजिटल अभियान को और अधिक गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक रूप से पूरी तरह तैयार है। पत्रकार वार्ता में उन्होंने जहां 17 जिला कार्यकारिणियों की घोषणा का ज़िक्र किया, वहीं कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला बोला।9 अगस्त को BJP रक्षा बंधन, 13 अगस्त से हर घर तिरंगा अभियान मनाएगी। बीजेपी ने विस्तृत चर्चा के बाद सभी जिलों में टीम तैयार की। इनका चयन पार्टी द्वारा हर जिलों में नियुक्त दो-दो पर्यवेक्षकों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला के पूर्व पदाधिकारियों, संबंधित जिले की सभी विधानसभा के प्रत्याशियों व मौजूदा विधायकों, मंडल अध्यक्ष और मंडल महामंत्री के सलाह- मशविरा पर फाइनल किया गया।
प्रत्येक जिले की टीम में 6 उपाध्यक्ष, 6 सचिव, 2 महामंत्री, एक-एक मीडिया प्रभारी, प्रवक्ता, कोषाध्यक्ष और कार्यालय सचिव बनाए गए है। कार्यकारिणी सदस्य को मिलाकर 50 से 60 लोगों की जिला कार्यकारिणी बनाई गई है।

डॉ. बिंदल ने बताया कि भाजपा ने 17 जिलों में 874 जिला स्तर के पदाधिकारियों और सदस्यों की नियुक्ति की है, जिनमें 358 महिलाएं और 258 अनुसूचित जाति, जनजाति व ओबीसी वर्ग से हैं। मंडल स्तर पर यह आंकड़ा और भी बड़ा है – 171 मंडलों में 7587 सदस्य, जिनमें 2569 महिलाएं और 3532 अनुसूचित वर्ग से हैं।
इसके अलावा भाजपा 8007 बूथों में से 7870 बूथों पर 11 सदस्यीय समितियां गठित कर चुकी है, जिसमें 89646 कार्यकर्ता सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भाजपा का सांगठनिक ढांचा केवल व्यापक नहीं बल्कि वर्गीय, लैंगिक और जमीनी स्तर पर संतुलित भी है।
राजनीतिक हमला: कांग्रेस की तुलना में भाजपा का उदय
बिंदल ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति को “सिमट चुकी पार्टी” करार देते हुए कहा कि जिस पार्टी के पास कभी संसद में 500 सांसद थे, वह आज खुद के अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं भाजपा, जो कभी 2 सांसदों से शुरू हुई थी, आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। उन्होंने गांधी-नेहरू युग की आलोचना करते हुए कहा कि आज़ादी के बाद कांग्रेस का स्वरूप सत्ता केंद्रित हो गया था, जबकि भाजपा ने कार्यकर्ता केंद्रित राजनीति का रास्ता अपनाया।
तिरंगा और राष्ट्रवाद: भाजपा का भावनात्मक कार्ड
बिंदल ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर तंज कसा कि अगर उन्हें तिरंगे से कोई समस्या है तो वे स्पष्ट करें। भाजपा 13 से 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में तिरंगा अभियान चलाएगी और 15 अगस्त को 171 मंडलों में तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी।
राजनीतिक संदेश: भाजपा का अभेद्य संगठन
डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि भाजपा का संगठन अभेद्य है और युवा नेतृत्व के साथ यह विजय की ओर अग्रसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जहां 1 वर्ष से बिना संगठन के काम कर रही है, वहीं भाजपा की हर स्तर पर संगठनात्मक उपस्थिति चुनावी तैयारी को धार दे रही है।
- नई ताजपोशी:देहरा में हंसराज धीमान, विजय मेहता, निर्मल सिंह, नितिन ठाकुर, प्रवीण राणा और सुकृत सागर को उपाध्यक्ष, उपेंद्र धीमान और सुशील कालिया को महामंत्री, रंजीत गुलेरिया को कोषाध्यक्ष, सुशील राणा, अनीता राणा, सरिता धीमान, राजकुमारी, रमेश चंद्र और रुबीना चौधरी सचिव, वीर सिंह को कार्यालय सचिव, अंशुमन शर्मा और विनोद को मीडिया प्रभारी, राहुल डोगरा और पूजा डोगरा को प्रवक्ता, आईटी और सोशल मीडिया टीम में सुमित वालिया को आईटी संयोजक और संजीव राणा को आईटी सह-संयोजक, एडवोकेट प्रमिला को सोशल मीडिया संयोजक और मनीष गुलेरिया को सोशल मीडिया सह-संयोजक नियुक्त किया गया है।”
भाजपा के इस विस्तार से स्पष्ट है कि वह हिमाचल में चुनावी युद्ध की तैयारी में जुट गई है और संगठन को हर स्तर पर सक्रिय कर चुकी है। दूसरी ओर, कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे पर बार-बार सवाल उठाकर भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले समय में चुनावी राजनीति केवल विकास और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संगठनात्मक शक्ति और जमीनी पकड़ इसकी असली कसौटी बनेंगी।
- किन्नौर जिला में चंद्र पॉल नेगी, परविंद्र नेगी, दुर्गा चन्द नेगी, धनमाला, मदन घणोरु और संजय नेगी को उपाध्यक्ष, सुभाष छोरज्ञा और आनन्द नेगी को महामंत्री, भूपेंद्र नेगी को कोषाध्यक्ष, रविना नेगी, बसंती नेगी, सरिता कुसान, अनुप कुमारी, दलीप नेगी और राजेन्द्र नेगी को सचिव, ठाकुर राम को कार्यालय सचिव, सुशील नेगी को तीसरी बार मीडिया प्रभारी बनाया
- रत्न विष्ट को मीडिया सह प्रभारी, महेश कुमार, योगराज नेगी और गंगा राम को प्रवक्ता, सूर्याकांत को आईटी प्रमुख संयोजक, जीवन नेगी को आईटी प्रमुख सह सचिव, अविनाश नेगी को सोशल मीडिया संयोजक और मंगल राम को सोशल मीडिया सह संयोजक नियुक्त किया गया।अंज्ञल राम, छेवंग दर्जे, सुन्दर सिंह, कमलेश नेगी, बिमला नेगी, दावा नेगी, संगीता नेगी, त्रिलोक नेगी, उमा शंकर, संजीव बिनु, रेखा नेगी, इंदु किरण, मनोज कुमारी, धीरज विष्ट, किशोर माजू, नरेन्द्रा कुमारी, राजवती नेगी, राजन नेगी, कल्पना नेगी, मनोज नेगी, चन्द्र कांता, नंद किशोर, मनोहर देवी, कजा बद्री विशाल, टिकम सिंह, अंजू नेगी, जितेन्द्र सिंह, अजय नेगी, वेद प्रकाश, अंजना नेगी, भारती नेगी, रघुदास नेगी, फकीर चन्द, प्रवीण मौयान, यशवंत नेगी, शीला नेगी, जसमन नेगी, आराधना नेगी, मोहिनी नेगी, रमेश हारा और पनमा राम को कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया ।

वर्ष 2022 में भारतीय जनता पार्टी से नाराज़ होकर अलग हुए कार्यकर्ता अब एक बार फिर पार्टी की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। किन्नौर भाजपा अध्यक्ष यशवंत सिंह नेगी ने कहा कि लगभग 90 फीसदी पुराने कार्यकर्ता पुनः भाजपा संगठन के साथ जुड़ चुके हैं, और पार्टी उनका पूरे मन से स्वागत कर रही है।
उन्होंने कहा कि “पार्टी में कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका होती है। भले ही कुछ समय के लिए मतभेद हुए हों, लेकिन विचारधारा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना ने उन्हें दोबारा भाजपा के साथ जोड़ दिया है।”
यशवंत नेगी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक स्थान मिलेगा और उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा।
पार्टी में कार्यकर्ताओं की वापसी को लेकर जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है।




