
गोबिंद सागर झील में मिला था शव, हाई प्रोफाइल केस में सीबीआई जांच जारी।
पत्नी के आरोपों के बाद हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच
IBEX NEWS,शिमला
शिमला, 11 अगस्त — हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत के हाई प्रोफाइल मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व एमडी और आईएएस अधिकारी हरिकेश मीणा को राहत मिली है। हिमाचल हाईकोर्ट ने मीणा को दी गई अंतरिम राहत की अवधि बढ़ाकर अब 8 सितंबर 2025 तक कर दी है।
न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की अदालत ने आदेश दिए कि तब तक जांच एजेंसी सीबीआई प्रार्थी आईएएस अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल करती रहे, जिसकी प्रति शिकायतकर्ता और प्रार्थी को उपलब्ध करवाई जाए।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब 10 मार्च को चीफ इंजीनियर विमल नेगी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर स्थित गोबिंद सागर झील के किनारे मिला। उनकी पत्नी, किरण नेगी ने सीएम को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देशराज समेत कुछ उच्च अधिकारी उनके पति को लगातार प्रताड़ित करते थे।
किरण नेगी की शिकायत पर न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें मीणा और देशराज पर गंभीर आरोप लगाए गए। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है और केस की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।
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