
हैरानी इसके अलावा 468 विशेषज्ञ चिकित्सक भी सरकार के पास पंजीकृत हैं ,जिनमें से 300 हिमाचल से और 168 अन्य राज्यों से ।
प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 870 एमबीबीएस डॉक्टर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि करीब 1700 छात्र पास आउट हो रहे हैं।
विधायक डॉ. जनक राज (भरमौर) द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने सदन को जानकारी दी।
दी विस्तृत जानकारी,200 मेडिकल ऑफिसर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, 96 और पदों पर भी सीधी भर्ती की तैयारी।
IBEX NEWS ,शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बेरोज़गार चिकित्सकों का मुद्दा गरमाया। विधायक डॉ. जनक राज (भरमौर) द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने सदन को जानकारी दी।

मंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों के दौरान प्रदेश चिकित्सा परिषद में 2094 एमबीबीएस चिकित्सकों का पंजीकरण हुआ है। इनमें से 1878 डॉक्टर हिमाचल प्रदेश से हैं, जबकि 216 अन्य राज्यों से। इसके अतिरिक्त 468 विशेषज्ञ चिकित्सकों का भी पंजीकरण हुआ, जिनमें से 300 हिमाचल से और 168 अन्य राज्यों से हैं।
फिलहाल बेरोज़गार डॉक्टरों की सही संख्या उपलब्ध नहीं है, लेकिन सरकार ने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 870 एमबीबीएस डॉक्टर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जबकि करीब 1700 छात्र पास आउट हो रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जुलाई 2022 के बाद 200 मेडिकल ऑफिसर (MO) पदों पर भर्ती हेतु मांग पत्र लोक सेवा आयोग को भेजा गया था। इस पर साक्षात्कार प्रक्रिया 28 जुलाई 2025 से 18 अगस्त 2025 तक चली है। परिणाम घोषित होने के बाद सफल उम्मीदवारों को स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त किया जाएगा।
इसके अलावा, 96 और पदों (77 नियमित व 19 नए सृजित पद) को भी शीघ्र भरने हेतु लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा गया है।हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार विस्तार हुआ है और वर्तमान समय में यहाँ कई सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। हिमाचल प्रदेश में अभी 6 बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 720 MBBS सीटें उपलब्ध हैं।
हिमाचल प्रदेश के पाँच बड़े मेडिकल कॉलेज
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC), शिमला
- स्थापना वर्ष: 1966 (पूर्व नाम: हिमाचल प्रदेश मेडिकल कॉलेज)
- स्थिति: राजधानी शिमला
- विशेषताएँ:
- हिमाचल का सबसे पुराना और सबसे बड़ा सरकारी मेडिकल कॉलेज।
- MBBS, MD, MS, DM, MCh सहित स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम।
- प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC हॉस्पिटल से संबद्ध।
- शोध कार्य व सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध।
2.डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज (RPGMC), टांडा (कांगड़ा)
- स्थापना वर्ष: 1996
- स्थिति: टांडा, जिला कांगड़ा
- विशेषताएँ:
- प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज।
- आधुनिक सुविधाओं से युक्त 500 बिस्तरों का अस्पताल।
- MBBS, MD, MS, सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम।
- उत्तर भारत के प्रमुख ट्रॉमा व इमरजेंसी सेंटर में गिना जाता है।
3.पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकारी मेडिकल कॉलेज (Pt. JLNGMC), चंबा
- स्थापना वर्ष: 2017
- स्थिति: चंबा जिला
- विशेषताएँ:
- नव स्थापित कॉलेज, आधुनिक आधारभूत ढांचे से सुसज्जित।
- MBBS की पढ़ाई व क्लिनिकल ट्रेनिंग की सुविधा।
- चंबा के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सहायक।
4. सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC), नाहन (सिरमौर)
- स्थापना वर्ष: 2016
- स्थिति: जिला सिरमौर का मुख्यालय नाहन
- विशेषताएँ:
- MBBS पाठ्यक्रम की पढ़ाई।
- सिरमौर और आसपास के जिलों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा।
- मेडिकल एजुकेशन के साथ-साथ जिला अस्पताल से संबद्ध।
5. सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC), हमीरपुर
- स्थापना वर्ष: 2018
- स्थिति: जिला हमीरपुर
- विशेषताएँ:
- नवीनतम मेडिकल कॉलेजों में से एक।
- MBBS के 120 सीटें।
- क्षेत्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए केंद्र।इसके अलावा मंडी में नेरचौक मेडिकल कॉलेज (श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज) भी एक बड़ा संस्थान है, जो प्रदेश के मध्य क्षेत्र की चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है।




