
IBEX NEWS,शिमला, 23 अगस्त 2025।
हिमाचल प्रदेश इस बार के मानसून सीज़न में भीषण आपदा का सामना कर रहा है। 20 जून से 23 अगस्त 2025 तक प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और सड़क हादसों ने मिलकर भयावह तबाही मचाई है।20 जून से 23 अगस्त तक हिमाचल में मानसून ने तबाही मचाई है। अब तक 298 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 152 प्राकृतिक आपदाओं से और 146 सड़क हादसों से ऐसा हुआ ।
राज्य में 74 भूस्खलन, 75 फ्लैश फ्लड और 40 क्लाउडबर्स्ट दर्ज हुए। सबसे ज़्यादा मौतें कांगड़ा (39), कुल्लू (26) और मंडी (16) में हुईं।
हजारों घर क्षतिग्रस्त, सैकड़ों पशुधन मरे और सड़कों-पुलों समेत सार्वजनिक संपत्ति को करोड़ों का नुक़सान पहुँचा है।
📊 मौत का आंकड़ा
- कुल मौतें: 298
- प्राकृतिक आपदाओं से: 152
- सड़क हादसों से: 146
जिला वार मौतें (आपदा से):
- कांगड़ा – 39
- कुल्लू – 26
- मंडी – 16
- शिमला – 13
- लाहौल-स्पीति – 13
- चंबा – 14
- बिलासपुर – 8
- किन्नौर – 6
- सिरमौर – 4
- सोलन – 4
- ऊना – 9
- हमीरपुर – 0
⚡ आपदाएँ और घटनाएँ
- भूस्खलन: 74
- फ्लैश फ्लड: 75
- क्लाउडबर्स्ट: 40
🏚️ संपत्ति व बुनियादी ढाँचे का नुक़सान
- सैकड़ों मकान पूरी तरह ध्वस्त
- हज़ारों आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
- फसलें और पशुधन को भारी हानि
- सड़कों, पुलों और सार्वजनिक ढाँचे को करोड़ों का नुक़सान
🚨 सबसे प्रभावित ज़िले
- कांगड़ा: मौत और हादसों के मामलों में सबसे ज़्यादा प्रभावित
- कुल्लू और मंडी: भूस्खलन और बाढ़ की मार
- लाहौल-स्पीति और किन्नौर: लगातार क्लाउडबर्स्ट और सड़क बंद
🗣️ प्रशासन की चुनौती
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला प्रशासन लगातार राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। हेल्पलाइन 1070 पर आपदा से जुड़ी सूचनाएँ दर्ज की जा रही हैं।




