
IBEX NEWS,शिमला ।
चंबा जिले के भरमौर में आपदा ने भारी तबाही मचाई है आलम यह है कि भरमौर देश-दुनिया से पूरी तरह से कट चुका है। सड़कें जगह-जगह से टूट गई हैं और दूरसंचार संर्पक भी कई हिस्सों में अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। वहीं, मणिमहेश यात्रा पर गए हजारों यात्री फंसे हुए हैं। वहीं, जहां सरकार प्रभावितों को हर संभव सहायता देने का दावा कर रही है, लेकिन भरमौर विधायक डॉ. जनकराज ने राहत बचाव कार्य को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने सरकार पर भरमौर में फंसे लोगों की किसी भी तरह की मदद न करने के आरोप लगाए हैं।


विधायक डॉ. जनकराज ने आरोप लगाया है कि , “भरमौर क्षेत्र शेष दुनिया से कट चुका है, सड़क मार्ग बंद है।वहीं, चार दिन बाद भी दूरसंचार बहाल नहीं हो पाया है. भरमौर में क्या स्थिति है? इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है।चार दिन से जिला प्रशासन से बात नहीं हो पा रही है।भरमौर में हजारों पर्यटक फंसे हुए है। उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। खाने की सुविधा नहीं है और पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है।सरकार या प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल पर्यटन राज्य है। सरकार प्रदेश में पर्यटकों को बुला रही है, लेकिन उनके क्षेत्र में बाहरी राज्यों से हजारों लोग फंसे हैं ।जिसकी सुध नहीं ली जा रही है, इसलिए वे धरने पर बैठे है।आज में खुद भरमौर के लिए रवाना हो रहा हूं। सरकार ने चंबा से भरमौर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा देने का आश्वासन दिया है।सरकार को चाहिए कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ को लगाना चाहिए।साथ ही लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करनी चाहिए।
उधर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली से प्रदेश के आपदा प्रभावित चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, कांगड़ा और मंडी ज़िलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित बैठक में राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं के लिए भोजन व ठहरने की विशेष व्यवस्था हो
चंबा चौगान में रुके यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देशदिए हैं ।हेलीकॉप्टर से बीमार और वृद्ध श्रद्धालुओं की निकासी की तैयारीहैं ।दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक हवाई मार्ग से पहुँचेगा भोजन व राहत सामग्री दी जाएगी ।चंबा, कुल्लू और मंडी में अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए तैनात अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाएगी और कांगड़ा के बड़ा भंगाल में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का हवाई प्रबंध किए जा रहे हैं ।पौंग डेम का जलस्तर घटा, बाढ़ प्रभावित सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए गए हैं और लाहौल-स्पीति के सिस्सु से सभी 380 पर्यटक सुरक्षित बाहर निकाले गए कुल्लू-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग छोटे वाहनों के लिए खोला गया, बड़े वाहनों पर रोक है ।आज चंबा से भरमौर की ओर सड़क 25 किलोमीटर तक खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि भरमौर में फंसे यात्रियों के लिए भोजन व ठहरने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीमार और वृद्ध यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में फंसे श्रद्धालुओं के लिए हवाई मार्ग से भोजन पहुंचाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन और खाद्य सामग्री का उचित स्टाक और राहत कार्यों के लिए वायु सेना की हवाई सेवा का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

सभी अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित निकालकर उनके घरों तक पहुँचाया जाए। जम्मू-कश्मीर से आए श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से समन्वय किया जा रहा है। साथ ही लाहौल और स्पीति, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और किन्नौर के उपायुक्त को वैकल्पिक मार्गों को खोलने, सिस्सू से पर्यटकों को बाहर निकालने व दूरदराज फंसे लोगों तक राशन आदि पहुँचाने के लिए निर्देशित किया गया।
आपदा के इस कठिन समय में पूरा प्रशासन सुविधाओं की बहाली, यातायात सुनिश्चित करने एवं राहत- बचाव कार्य के लिए लगा हुआ है। आने वाले दिनों में भी अनेक जगह पर येलो अलर्ट है इसलिए यात्रा में सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करें।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

यह स्थिति न केवल राहत कार्यों की गति पर सवाल खड़े करती है बल्कि सरकार और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों को भी कटघरे में खड़ा कर रही है।




