
स्टेट इलेक्शन कमीशन ने सरकार की योजनाओं पर लगाई ब्रेक, विकास कार्य रहेंगे बेअसर
राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे हिमाचल में आचार संहिता की धारा 12.1 तत्काल प्रभाव से लागू की।
सभी विभागों, अधिकारियों और संबंधित निकायों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा
शिमला, नवंबर 2025
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के कार्यकाल की समाप्ति नजदीक आने के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, 2020 की धारा 12.1 को पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
नतीजन हिमाचल के स्टेट इलेक्शन कमीशन ने राज्य सरकार को करारा झटका दिया है इसके चलते पंचायतों के पुनर्गठन (री-ऑर्गेनाइज) पर रोक लगा दी है। कमीशन ने आज (सोमवार को) एक ऑर्डर जारी कर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के एक क्लॉज को लागू कर दिया है इससे राज्यभर में इस क्लॉज का विकास कार्यों पर कोई असर नहीं होगा ।राज्य निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 243K(1), 243ZA(1) तथा संबंधित अधिनियमों के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए धारा 12.1 को लागू किया है।अब प्रदेश में किसी भी पंचायत या नगर निकाय की सीमा, संरचना या वर्गीकरण में बदलाव पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।सभी विभागों, अधिकारियों और संबंधित निकायों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
क्या है धारा 12.1?
इस धारा के अनुसार—
“पंचायतों और नगर निकायों की संरचना, वर्गीकरण या क्षेत्रीय सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नहीं किया जा सकेगा।”
यह निर्णय क्यों आवश्यक?
- 3577 ग्राम पंचायतों, 90 पंचायत समितियों, 11 ज़िला परिषदों और 71 शहरी निकायों का वार्ड सीमांकन (delimitation) पूर्ण हो चुका है और इसे अंतिम रूप से अधिसूचित किया जा चुका है।
- 3548 ग्राम पंचायतों और 70 शहरी निकायों की मतदाता सूचियाँ अंतिम रूप से प्रकाशित हो चुकी हैं, जबकि शेष 29 पंचायतों और एक ULB की सूचियाँ दिसंबर 2025 तक प्रकाशित हो जाएंगी।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने निर्णय (SLP No. 22468–22469/2024) में स्पष्ट किया था कि निकायों का चुनाव कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले शुरू होना अनिवार्य है।
- PRIs के गठन के लिए मात्र 75 दिन और अधिकांश ULBs के लिए 60 दिन ही शेष हैं।






