
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा—“मुख्यमंत्री महोदय सिर्फ़ एक ही पहाड़ा रटने में लगे हुए हैं।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तीखे तेवर—OPS पर बड़ा बयान, बोले “फैसले की समीक्षा करेंगे”कर्मचारियों को सावधान रहने की नसीहत—सरकार बदलने पर OPS खत्म करने की चेतावनी का दावा
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान राजनीतिक गर्माहट तेज़ होती दिख रही है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में विपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तीखे तेवर दिखाते हुए कहा है कि “ कांग्रेस सरकार के फैसले की समीक्षा करेंगे”कर्मचारियों को सावधान रहने की नसीहत दी है।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने “करीबी मित्रों” को लाभ पहुंचाने के लिए संवैधानिक मानकों की अनदेखी की है। पोस्ट में विधानसभा की कार्यवाही का एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसमें वे सदन में इस मुद्दे पर तीखे शब्दों में अपनी बात रख रहे हैं।
विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर और तेज़ होने के आसार बन रहे हैं। सरकार की नीतियों, नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, जबकि सत्ता पक्ष इन आरोपों को निराधार बता रहा है।
राज्य की राजनीति में यह बयानबाज़ी आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में आज माहौल उस समय गर्म हो गया जब नेता प्रतिपक्ष ने ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर बड़ा बयान दिया। सदन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा लागू किए गए OPS को भाजपा सत्ता में आने पर “रीव्यू” किया जाएगा।उनका यह बयान कर्मचारियों के बीच नई चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में नेता प्रतिपक्ष यह भी कहते सुनाई दे रहे हैं कि राज्य के कर्मचारियों को “सावधान” रहना चाहिए, क्योंकि OPS को बंद करने का विकल्प खुला है।सदन में इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखी गई। सरकार का कहना है कि OPS को लागू करना उनका वादा था और वे इसे जारी रखेंगे, जबकि विपक्ष इसे वित्तीय बोझ बताते हुए लगातार सवाल उठा रहा है।फिलहाल, OPS पर नेता प्रतिपक्ष की नई टिप्पणी ने राज्य की राजनीति और सरकारी कर्मचारी वर्ग के बीच हलचल पैदा कर दी है।





