
‘सेवाएं नहीं रुकेंगी’ — डॉक्टरों पर 24×7 ड्यूटी थोपते हुए जारी हुए SOP
IBEX न्यूज़, शिमला , 26 दिसंबर।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) की हड़ताल के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि अस्पतालों में इलाज किसी भी सूरत में नहीं रुकेगा। निदेशालय चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान (DMER) ने प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए अनिवार्य SOP जारी करते हुए डॉक्टरों को 24×7 सेवाओं में तैनात रहने का आदेश दिया है।


आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि इमरजेंसी सेवाएं बिना किसी अपवाद के सामान्य रूप से चलेंगी, और जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट व फैकल्टी सदस्यों को आपातकालीन ड्यूटी से अलग रहने की अनुमति नहीं होगी। ओपीडी सेवाओं में भी कंसल्टेंट्स की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है, जबकि इनडोर मरीजों को हर हाल में प्राथमिकता देकर प्रतिदिन राउंड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने हड़ताल के असर को सीमित करने के लिए रूटीन वैकल्पिक ऑपरेशनों पर रोक लगाई है, लेकिन चेतावनी दी है कि आपातकालीन सर्जरी में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेडियोलॉजी विभागों को भी स्पष्ट आदेश हैं कि एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचें इमरजेंसी व भर्ती मरीजों के लिए तत्काल की जाएं।
SOP के तहत पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी लैब्स को बिना किसी रुकावट सैंपल प्रोसेस करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने यह भी जता दिया है कि अकादमिक गतिविधियां, पढ़ाई और परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेंगी, चाहे हड़ताल जारी रहे।
सबसे अहम निर्देशों में विभागाध्यक्षों को ड्यूटी रोस्टर बनाकर सेवाएं निर्बाध रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को रोजाना शाम 4 बजे समीक्षा कर सीधी रिपोर्ट DMER को भेजने के आदेश दिए गए हैं।
सरकारी हलकों में इस आदेश को RDA हड़ताल के जवाब में प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं डॉक्टर संगठनों में इसे दबाव और एकतरफा कार्रवाई के रूप में लिया जा रहा है। सवाल यह है कि सख़्त आदेशों से व्यवस्था संभलेगी या टकराव और गहराएगा?




