
HOPE अभियान के तहत हिमाचल पर्यटन ने वन्यजीव संरक्षण और समुदाय सशक्तिकरण को जोड़ने वाले ‘हॉपेस्टर’ को किया सम्मानित
IBEX NEWS,शिमला
हिमाचल पर्यटन विभाग के Himalayan Ocarina Project for Entrepreneurs (HOPE) के अंतर्गत लाहौल के उदयपुर निवासी एवं वन विभाग के अधिकारी शिव कुमार को हिमालयी वन्यजीव संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘हॉपेस्टर #07’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
शिव कुमार ने सरकारी सेवा की सीमाओं के बावजूद हिमालयी वन्यजीवों, विशेषकर हिम तेंदुआ (Snow Leopard) और उच्च हिमालयी पक्षी प्रजातियों के संरक्षण व दस्तावेजीकरण को अपना मिशन बनाया। वर्ष 2021 में राष्ट्रीय जैव विविधता पुरस्कार से सम्मानित शिव कुमार ने संरक्षण को केवल शोध तक सीमित न रखते हुए इसे जन-आंदोलन में बदला।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और प्रवासी चरवाहों के साथ सतत संवाद स्थापित कर मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व को बढ़ावा दिया। फोटोग्राफरों की टीम के साथ मिलकर अब तक 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों और हिम तेंदुओं का दस्तावेजीकरण किया गया है। साथ ही, स्पीति मॉडल से प्रेरित जिम्मेदार वन्यजीव पर्यटन और समुदाय आधारित इको-टूरिज्म को भी प्रोत्साहन मिला है।
शिव कुमार का सफर इस बात का उदाहरण है कि संरक्षण, आजीविका और पर्यटन एक साथ आगे बढ़ सकते हैं—स्थानीय सहभागिता और वैश्विक जिम्मेदारी के साथ।

Wildlife Conservation • Eco-Tourism • Community Awareness
People have their own excuses to stop evolving. Especially when they get into Government jobs. Shiv Kumar, an official of Forest Department, continues his quest as a passionate wildlifer. Hailing from Udaipur village in Lahaul, nothing stopped him from working to document endangered Himalayan Wildlife species. A National Biodiversity Award 2021 recipient, he creates awareness among locals and migratory shepherds. He, along with his fellow photographers, has recorded more than 200 bird species and snow leopards, while promoting responsible wildlife tourism and community-based ecotourism inspired by Spiti.




