
IBEX NEWS,शिमला/नई दिल्ली |
भारत और अमेरिका के बीच हालिया ट्रेड डील (व्यापार समझौते) को लेकर हिमाचल प्रदेश के बागवानों और किसानों की चिंताओं पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हिमाचल प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।




सेब बागवानों के हितों पर चर्चा
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु यह था कि अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का असर हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सेब उद्योग पर कैसे पड़ेगा। नेताओं ने चिंता जताई कि आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती से विदेशी सेब भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस रणनीतिक चर्चा में संगठन की मजबूती और आगामी योजना पर भी विचार किया गया। बैठक में ये प्रमुख चेहरे शामिल रहे:
• के .सी. वेणुगोपाल (संगठन महासचिव)
• रजनी पाटिल (प्रभारी, हिमाचल कांग्रेस)
• विनय कुमार (प्रदेश अध्यक्ष, हिमाचल कांग्रेस)
• हिमाचल प्रदेश के अन्य वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता।
‘किसान विरोधी’ नीतियों के खिलाफ रणनीति
बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि पार्टी किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी। प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने आलाकमान को अवगत कराया कि हिमाचल का किसान इस डील से डरा हुआ है और केंद्र सरकार से सुरक्षात्मक उपायों की मांग कर रहा है।
आयात शुल्क: विदेशी फलों पर ड्यूटी घटने से स्थानीय प्रतिस्पर्धा खत्म होने का डर।
लागत बनाम मूल्य: खाद और कीटनाशकों की बढ़ती कीमतों के बीच सस्ता विदेशी आयात बागवानों की कमर तोड़ देगा।
अर्थव्यवस्था: हिमाचल की सालाना ₹5,000 करोड़ से अधिक की सेब आर्थिकी पर सीधा प्रहार।
किसान विरोधी’ नीतियों के खिलाफ रणनीति
बैठक के बाद सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि पार्टी किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी। प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने आलाकमान को अवगत कराया कि हिमाचल का किसान इस डील से डरा हुआ है और केंद्र सरकार से सुरक्षात्मक उपायों की मांग कर रहा है।




