
पब्बर किनारे मिली बेरहमी की कहानी — मजदूर राकेश की निर्मम हत्या, दो आरोपी कुल्लू से गिरफ्तार
IBEX NEWS,शिमला
पब्बर नदी के शांत बहते पानी के बीच बडियारा पुल के पास जब एक बंधे हाथ-पैरों वाला शव मिला, तो पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। मेहनत-मजदूरी कर अपने सपनों को संवारने आया 36 वर्षीय राकेश प्रताप उर्फ सेती राम कभी नहीं जानता था कि जिन लोगों के साथ वह बैठकर शराब पी रहा है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी शाम साबित होगी। मामूली कहासुनी ने ऐसी खौफनाक साजिश का रूप ले लिया, जिसमें न सिर्फ उसकी बेरहमी से हत्या की गई, बल्कि पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा भी बिगाड़ दिया गया।
दिनांक 18 फरवरी 2026 को थाना चिड़गांव में 112 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि बडियारा पुल के समीप पब्बर नदी (किलोचा नाला) में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है, जिसके दोनों हाथ-पैर कपड़े से बंधे हैं और काफी मात्रा में खून बहा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना चिड़गांव की टीम तथा डीएसपी रोहड़ू मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद मृतक की पहचान राकेश प्रताप उर्फ सेती राम कामी निवासी डाकाडाम/2, नेपाल (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई, जो बडियारा क्षेत्र में एक बगीचे में मजदूरी करता था। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर थाना चिड़गांव में अभियोग संख्या 16/2026 दिनांक 18/02/2026 धारा 103, 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
घटनास्थल पर एसएफएसएल जुन्गा की फॉरेंसिक टीम और पुलिस डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। पुलिस ने मौके से भौतिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्रित किए। हत्या में प्रयुक्त पत्थर और खंजर को भी कब्जे में लिया गया। आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा संदिग्ध व्यक्तियों के फोटो तैयार कर मीडिया के माध्यम से प्रचारित किए गए।
जांच के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना वाले दिन मृतक को दो नेपाली मूल के युवकों के साथ देखा गया था। गहन पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि 17 फरवरी 2026 को दो संदिग्ध युवक मृतक से मिलने बडियारा पहुंचे थे। दिन में उन्होंने मृतक के कमरे में शराब पी और शाम करीब 7 बजे उसे और शराब पीने के बहाने पब्बर नदी किनारे किलोचा नाला ले गए। वहां किसी मामूली बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों आरोपियों ने तेजधार हथियार व पत्थरों से उस पर हमला कर निर्मम हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए मृतक का चेहरा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा उसका मोबाइल फोन अपने साथ ले गए।
हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए और अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिए। शिमला पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, जिससे पता चला कि वे जिला कुल्लू के कसोल और मणीकर्ण क्षेत्र में छिपे हुए हैं। थाना चिड़गांव की जांगला चौकी में प्रवासी मजदूर पंजीकरण रजिस्टर की जांच के दौरान उनकी पहचान हुई। आरोपियों की पहचान ललित राणा उर्फ लक्ष्मण राणा (उम्र 20 वर्ष) पुत्र नैन बहादुर निवासी भुरपावरी, जिला जजरकोट, नेपाल तथा साहबीर लुवर (उम्र 21 वर्ष) पुत्र विसे लुवर निवासी भुरपावरी, जिला जजरकोट, नेपाल के रूप में हुई, जो कुछ दिन पहले ही देवीधार क्षेत्र में मजदूरी के लिए आए थे और घटना के दिन से ही लापता थे।
22 और 23 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि को चिड़गांव पुलिस टीम ने कसोल (जिला कुल्लू) में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें थाना चिड़गांव लाया गया। उनके कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच हर पहलू से जारी है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि प्रवासी मजदूरों या किरायेदारों को काम पर रखने अथवा मकान किराए पर देने से पहले उनका पंजीकरण नजदीकी थाना या चौकी में अवश्य करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में समय रहते उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके और इस प्रकार की आपराधिक घटनाओं की रोकथाम हो सके।




