
शिमला पुलिस ने इस मामले में मीडिया से जानकारी साझा की है कि आज सुबह शिमला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि करीब 15–20 अज्ञात व्यक्ति सादे कपड़ों में वाहनों से चिरगांव के माण्डली स्थित एक रिसोर्ट में पहुंचे और वहां ठहरे तीन व्यक्तियों/अतिथियों को कथित रूप से जबरन अपने साथ ले गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों की एक थार गाड़ी को भी साथ ले जाया गया।
IBEX NEWS शिमला।
दिल्ली AI समिट से उपजे हाई वोल्टेज विवाद ने अब और गंभीर मोड़ ले लिया है। पहले अंतरराज्यीय कार्रवाई को लेकर Delhi Police और Himachal Pradesh Police आमने-सामने आई थीं, और अब चिड़गाँव से एक नई सनसनीखेज शिकायत सामने आई है।शिमला पुलिस ने इस मामले में मीडिया से जानकारी साझा की है कि आज सुबह शिमला पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि करीब 15–20 अज्ञात व्यक्ति सादे कपड़ों में वाहनों से चिरगांव के माण्डली स्थित एक रिजॉर्ट पहुंचे और वहां ठहरे तीन व्यक्तियों/अतिथियों को कथित रूप से जबरन अपने साथ ले गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्यक्तियों की एक थार गाड़ी को भी साथ ले जाया गया।
मामला यहीं नहीं थमा। आरोप है कि शिकायतकर्ता के चांशल रिज़ॉर्ट में लगे CCTV कैमरों का DVR भी बिना किसी फर्द या रसीद के अपने कब्जे में लेकर ले जाया गया। इस घटनाक्रम ने कार्रवाई की वैधता और प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ज्ञात हो कि AI समिट में प्रदर्शन के मामले में तीन युवकों को हिरासत में लेने को लेकर दोनों राज्यों की पुलिस के बीच तीखा टकराव सामने आया था। दिल्ली पुलिस की टीम को शिमला में रोके जाने और अपहरण के आरोप में FIR दर्ज किए जाने की खबर ने पहले ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी। अब चिरगांव की यह नई शिकायत उसी विवाद की कड़ी मानी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही Himachal Pradesh Police ने थाना चिरगांव में मुकदमा दर्ज कर विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार:
- मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं
- रिसोर्ट स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं
- संबंधित वाहनों की पहचान की जा रही है
- DVR और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की बरामदगी जांच का हिस्सा है
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
AI समिट से शुरू हुआ यह विवाद अब “पुलिस बनाम पुलिस” से आगे बढ़कर आपराधिक शिकायत और कानूनी प्रक्रिया की गंभीर बहस में बदल चुका है।
फिलहाल शिमला में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और जांच की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।




