
नेगी रिनपोछे मुख्य अतिथि, सुभाष नेगी (सेवानिवृत्त आईएएस) रहे विशेष अतिथि — किन्नौर से हर क्षेत्र के लोगों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
समारोह में नेगी रिनपोछे ने अपने प्रेरणादायक शिक्षण व उद्बोधन से सभी को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
IBEX NEWS,शिमला,
Kinnaur Welfare Society द्वारा आयोजित संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत उत्सव
“तोशिम 2026” का भव्य समारोह आज शिमला में पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर ट्राइबल जिला किन्नौर समाज के हर वर्ग के लोग मौजूद रहे। सामाजिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक, सांस्कृतिक तथा युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।कार्यक्रम में किन्नौरी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्म का अनुपम संगम देखने को मिला।



प्रतिष्ठित धर्मगुरु नेगी रिनपोछे ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने आध्यात्मिक विचारों से सभी को प्रेरित किया, जबकि सुभाष नेगी (सेवानिवृत्त आईएएस) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोपहर 3 बजे पंजीकरण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद रिनपोछे की शिक्षाओं ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।इस अवसर पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पी.सी. नेगी, सेवानिवृत्त एस.के.बी.एस. नेगी ,ज्ञान सागर नेगी (एचएएस), रजिस्ट्रार हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी सहित कई गणमान्य नागरिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्धजनों की सहभागिता ने समारोह को और अधिक भव्य एवं गरिमामय बना दिया।तोशिम–2026’ के दौरान किन्नौर से संबंधित विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समाज की एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और परंपराओं के संरक्षण जैसे मुद्दों पर सार्थक चर्चा ने आयोजन को केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि बौद्धिक मंच भी बना दिया।




सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। किन्नौरी लोकनृत्य और पारंपरिक वेशभूषा ने यहाँ खूबसूरत माहौल बना दिया। आयोजन के दौरान सोसायटी के सेवानिवृत्त सदस्यों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का मुख्य आकर्षण “वॉयस ऑफ किन्नौर” चंद्र लाल नेगी ने अपनी मधुर प्रस्तुति से समां बांध दिया। पारंपरिक लोकधुनों और गीतों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सोसायटी के सचिव श्याम लाल नेगी ने सभी सदस्यों एवं किन्नौर समाज से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया और अधिक संख्या में सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया।
अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के उपरांत सामूहिक नृत्य एवं रात्रि भोज का आयोजन हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।तोशिम 2026” केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि किन्नौर की समृद्ध विरासत, सामाजिक एकजुटता और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक पर्व बनकर उभरा।
“तोशिम 2026” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज के हर क्षेत्र के लोग एक मंच पर जुटते हैं, तो सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता और भी सशक्त होती है।




