
IBEX NEWS BUREAU,शिमला
भारत का लोकतंत्र गांवों की आत्मा में बसता है और पंचायतें उसकी सबसे मजबूत कड़ी मानी जाती हैं। ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और स्थानीय समस्याओं के समाधान में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यही कारण है कि पंचायतों को ग्रामीण संसद कहा जाता है। पंचायत चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम हैं। पंचायत चुनाव के महत्व को रेखांकित करते हुए विधायक अनुराधा राणा ने अपने पंचायत कोकसर के पोलिंग बूथ नंबर 1 रांगचा में पहुंचकर मतदान किया और आम मतदाताओं से भी लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे, जिससे मतदान केंद्रों पर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
अनुराधा राणा ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की भागीदारी में निहित होती है। जब लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है और विकास की सही दिशा तय होती है। उन्होंने सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से अपने अधिकार का प्रयोग करने और गांव के विकास के लिए जागरूक होकर मतदान करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतें गांव की सरकार होती हैं और इनके माध्यम से विकास योजनाएं सीधे लोगों तक पहुंचती हैं। ऐसे में सही प्रतिनिधि का चुनाव करना प्रत्येक मतदाता की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र तभी सशक्त होगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए मतदान में सक्रिय भागीदारी निभाएगा।



