
दुकान में घुसकर मारपीट, सीसीटीवी तोड़ने और सरेआम जुलूस निकालने के आरोप; अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में
IBEX NEWS BUREAU,शिमला। संजौली में कथित मारपीट और सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालने के मामले में शिमला पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मामले के मुख्य आरोपी मदन ठाकुर और विजय शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक इस प्रकरण में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पीड़िता के पिता ने कहा कि कई लोग इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं कि उनकी बेटी ने शिकायत वापस ले ली है लेकिन यह सरासर गलत है। उन लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज करवाएंगे जो इस अफवाहें फैला रहे हैं।




पुलिस द्वारा मीडिया को सोमवार को जारी जानकारी के अनुसार जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए चार अन्य आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- श्वेता चौहान, पत्नी केशव चौहान, निवासी के.सी. हाउस, ढिंगू माता मंदिर के समीप, संजौली, शिमला।
- कल्पना शर्मा, पत्नी गौरव शर्मा, निवासी परमेश्वरी निवास, संजौली, शिमला।
- गौरव कुमार, पुत्र राकेश कुमार, निवासी कृष्णा नगर, ओल्ड बस स्टैंड, शिमला।
- गगन शर्मा, पुत्र महेन्द्र कुमार शर्मा, निवासी गांव बुखारी, डाकघर ए.जी., तहसील एवं जिला शिमला।
इससे पूर्व गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में—
- मदन ठाकुर, पुत्र स्व. जय सिंह ठाकुर, निवासी गांव देवघोडी, डाकघर सलाना, तहसील एवं जिला शिमला, तथा
- विजय शर्मा, पुत्र बाल कृष्ण शर्मा, निवासी कुमार भवन, संजौली, शिमला शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

नाबालिग से छेड़छाड के मामले में पुलिस ने बीसीएस महिला थाने में केस दर्जकर एक आरोपी उबैद निवासी भनैरा नजीबाबाद बिजनौर यूपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 4 समेत बीएनएस की विभिन्न धाराएं लगाई हैं। पुलिस के मुताबिक दो अन्य युवकों पर पीड़िता की शिकायत और बयान में कोई आरोप नहीं लगाए गए हैं। पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाए गए हैं। मामले में अन्य युवकों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नाबालिग ने आरोप लगाया कि आरोपी ने दुकान में बुलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और किसी से उसके बात करने का वीडियो बनाकर दबाव बनाया जा रहा था। हिंदू संघर्ष समिति के मुताबिक नाबालिग ने उनसे इस बारे में संपर्क किया जिसके बाद नाबालिग को महिला थाना में शिकायत के लिए भेजा गया था। समिति ने रोष जताया था कि 24 घंटे बीतने के बाद भी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई पुलिस मामले में अन्य युवकों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जिला शिमला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या आपराधिक घटना की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और पुलिस तथा न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




