
IBEX NEWS BUREAU,शिमला/केलंग, 1 जुलाई।
लाहौल-स्पीति के जोबरंग क्षेत्र में बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। क्षेत्र के दौरे के दौरान यह पाया गया कि जोबरंग पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते आसपास की लगभग 20 से 25 बीघा भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि निकटवर्ती गांवों की कृषि भूमि पर भी खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से प्रशासन और प्रदेश सरकार के संज्ञान में है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी वैकल्पिक मार्ग के निर्माण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने तथा आवश्यक बजट की शीघ्र स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju से सहयोग का आग्रह किया जाएगा, ताकि प्रभावित क्षेत्र को राहत प्रदान करने के लिए हरसंभव केंद्रीय सहायता मिल सके।
इस बीच लाहौल-स्पीति के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई है। लंबे समय से लंबित Indian Council of Medical Research (आईसीएमआर) अनुसंधान केंद्र परियोजना को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री J. P. Nadda की स्वीकृति मिल गई है। बताया जा रहा है कि परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू होगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी, अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन को लाभ पहुंचेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को भविष्य में भी प्राथमिकता के साथ उठाया जाता रहेगा।


