
सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और दुर्घटना संभावित स्थलों की निगरानी करेगी नई समिति
IBEX NEWS BUREAU शिमला , 1 जुलाई।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से किन्नौर जिला प्रशासन ने जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स (DHSTF) का गठन कर दिया है। इस संबंध में उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आदेश जारी किए हैं।


यह निर्णय भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इन रे: फलोदी दुर्घटना मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित आवागमन को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा माना है तथा सभी जिलों में विशेष हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेशों के अनुसार उपायुक्त किन्नौर टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे, जबकि पुलिस अधीक्षक किन्नौर सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। समिति में प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सीमा सड़क संगठन (BRO), हिमाचल पथ परिवहन निगम तथा ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
टास्क फोर्स की प्रमुख जिम्मेदारियां
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की नियमित समीक्षा।
- दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थलों की पहचान।
- राजमार्गों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाने के उपाय।
- यातायात प्रबंधन और सड़क अवसंरचना की सुरक्षा।
- आपातकालीन चिकित्सा एवं आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावशीलता की समीक्षा।
- सुप्रीम कोर्ट, केंद्र और राज्य सरकार के सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुपालन की निगरानी।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाना।
हर पखवाड़े होगी बैठक
आदेश के अनुसार टास्क फोर्स कम से कम प्रत्येक पंद्रह दिन में एक बार बैठक कर राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेगी और आवश्यक सिफारिशें संबंधित एजेंसियों को भेजेगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से किन्नौर जैसे दुर्गम और भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और सुगम यातायात सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


