
IBEX NEWS BUREAU,शिमला, 1 जुलाई 2026:
हिमाचल प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग (Department of Medical Education & Research) के अंतर्गत आने वाले सभी सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्यों के लिए नॉन–प्रैक्टिसिंगअलाउंस (NPA) को तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आज इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

इन उच्च योग्यता वाले डॉक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
आधिकारिक पत्र image_3.png के मुताबिक, इस बहाली का लाभ उन सभी सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी डॉक्टरों को मिलेगा जो मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों या ‘नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज’ (NBEMS) से निम्नलिखित उच्च डिग्रियां धारक हैं:
DM (Doctor of Medicine)
M.Ch. (Magister Chirurgiae)
DrNB (Doctorate of National Board)
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ फैसला
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि इन सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को अब उसी दर और उन्हीं नियमों व शर्तों के तहत NPA का लाभ मिलेगा, जो वित्त विभाग की 24 मई 2023 की अधिसूचना (जिसके तहत नए डॉक्टरों का NPA बंद करने का विवादित फैसला हुआ था) से ठीक पहले लागू थीं। सरकार का यह आदेश तत्कालप्रभाव (Immediate Effect) से लागू माना जाएगा और आगामी आदेशों तक जनहित में प्रभावी रहेगा।
वित्त विभाग से मिली हरी झंडी
इस ऐतिहासिक फैसले को लेकर डॉक्टरों में लंबे समय से मांग चल रही थी। जारी अधिसूचना के अनुसार, इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की पूर्व मंजूरी (क्रमांक: Fin(C)B(7)-3/2021-Loose, दिनांक 01.07.2026) और सक्षम प्राधिकारी के अंतिम अनुमोदन के बाद ही अमलीजामा पहनाया गया है।
इस आदेश की प्रतियां महालेखाकार (Accountant General), मुख्य कोषाधिकारी, और प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के प्रिंसिपलों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं। सरकार के इस कदम से प्रदेश के सबसे वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टरों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे सरकारी अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार होने की उम्मीद है।


