
कुल्लू की विशेष अदालत का बड़ा फैसला, मुख्य आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास सहित जुर्माना
IBEX NEWS BUREAU,शिमला/कुल्लू। हिमाचल प्रदेश पुलिस की प्रभावी जांच और मजबूत पैरवी के चलते कुल्लू जिले में वर्ष 2018 के नाबालिग से यौन शोषण एवं मानव तस्करी के चर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश-प्रथम, कुल्लू की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, अदालत ने शिव शंकर उर्फ सिकंदर सिंह, नितिन जैन उर्फ मनु तथा बेबी खान को दोषी ठहराया। मुख्य आरोपी शिव शंकर उर्फ सिकंदर सिंह को आईपीसी की धाराओं 376(2), 370(4), 120-बी तथा अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं 4 व 6 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि की सजा और जुर्माना लगाया गया।
दूसरे आरोपी नितिन जैन उर्फ मनु को भी 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई। इसके अतिरिक्त पॉक्सो अधिनियम की धारा 17 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
तीसरे आरोपी बेबी खान को भी मानव तस्करी, अनैतिक देह व्यापार और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास सहित विभिन्न धाराओं में सजा और जुर्माना सुनाया गया।
यह मामला 29 अप्रैल 2018 को पुलिस थाना मनाली में दर्ज एफआईआर संख्या 96/2018 से संबंधित है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2018 को आरोपपत्र अदालत में पेश किया। मुकदमे के दौरान जिला न्यायवादी के साथ नियमित समन्वय और प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कहा है कि मानव तस्करी, यौन शोषण और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी तथा ऐसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।



