देश के प्रथम मतदाता श्याम शरण नेगी का नम आंखों से राष्ट्रीय सम्मान से हुआ दाह संस्कार। उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक के साथ पूरा जिला प्रशासन और सैंकड़ों ग्रामीणों परिजनों ने दी विदाई। उनके कामों को किया याद।

मनजीत नेगी/IBEX NEWS, शिमला।

देश का गौरव पहले मतदाता श्याम सरन नेगी 106 वर्षीय का राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।उनके बेटे ओमप्रकाश,चंद्रप्रकाश, पौत्र प्रदीप कुमार,दीपक कुमार ने मुखाग्नि दी। उनकी धर्मपत्नी हीरामणि का करीब चार साल पहले ही देहांत हो गया था। आज तड़के सुबह उन्होंने किन्नौर जिला स्थित अपने गांव कल्पा में आखिरी गहरी सांस ली।

हर कोई उनकी मृत्यु का समाचार सुनकर स्तब्ध था दो दिन पहले ही उन्होंने देश के लिए अपना फर्ज निभाया जिसके लिए वे जाने जाते थे।वे आजाद भारत के पहले मतदाता रहे हैं। 2नवंबर को अपने घर कल्पा से उन्होंने पहली बार बैलेट पेपर से मतदान किया था।पहले वे आम जनता के बीच मतदान केद्र में आकर ही मतदान करना चाह रहे थे।जिला प्रशासन को भी उन्होंने सूचित किया था। जब भी मतदान होता रहा है तो वोट के दिन जिला प्रशासन भी विशेष प्रबंध करते रहा है बीते पंचायती मतदान में उनके लिए रेड कार्पेट पर से स्वागत करते हुए केंद्र तक सम्मान से लाया गया था। इस बार भी प्रशासन मुस्तैदी बरत रहा था ।स्वयं श्याम सरन नेगी ने प्रशासन को संदेश पहुंचाया था कि बैलेट पेपर के माध्यम से ही वे मतदान करना चाह रहे हैं। बताया जा रहा है उम्र की दहलीज पर पहुंच कर शायद वे जान गए थे कि कहीं मतदान से पहले ज्यादा बीमार न हो जाए।इसलिए घर से ही मतदान की समय रहते मतदान की आखिरी इच्छा जताई। आज हर कोई जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करता दिखा।

श्याम सरन नेगी , (जन्म 1 जुलाई 1917) कल्पा, हिमाचल प्रदेश में एक सेवानिवृत्त स्कूली शिक्षक थे , जिन्होंने 1951 के आम चुनाव में भारत में पहला वोट डाला – देश का पहला चुनाव। 1947 में ब्रिटिश शासन । हालांकि उस पहले चुनाव के लिए अधिकांश मतदान फरवरी 1952 में हुआ था, हिमाचल प्रदेश में चुनाव पांच महीने पहले हो गए थे क्योंकि वहां का मौसम फरवरी और मार्च में खराब हो जाता है और उस अवधि के दौरान भारी बर्फबारी होती। जिससे नागरिकों का मतदान केंद्रों तक पहुंचना असंभव रहा। नेगी ने 25 अक्टूबर 1951 को पहला वोट डाला। उन्होंने 1951 के बाद से हर आम चुनाव में मतदान किया है, और माना जाता है कि वे भारत के सबसे पुराने मतदाता होने के साथ-साथ इसके पहले भी हैं।