
IBEX NEWS,शिमला ।
राज्य में अब होमस्टे का पंजीकरण आसान नहीं होगा। इसके लिए कई मानकों का पालन करने की शर्त रखी गई है। ऐसे में जो इन शर्तों को पूरा करेंगे, वे ही पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। प्रदेश सरकार ने नई होमस्टे योजना-2025 सोमवार को राजपत्रित पर प्रकाशित कर दी है। उसके बाद ही अब इस योजना को लेकर सुझाव व आपत्तियां दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। पंजीकरण को लेकर कई प्रकार की शर्तें निर्धारित करने के अलावा कमरों व बारूम-शौचालय के साइज भी निर्धारित किए गए हैं।
36 मानक व शर्तों के तहत कोई भी होमस्टे तभी पंजीकृत हो पाएगा, जिसके पास 120 वर्ग फुट से लेकर 100 वर्ग फुट के आकार का सिंगल व डबल बैडरूम होगा। यदि किसी होमस्टे संचालक ने इससे छोटे कमरों के साथ होमस्टे चलाया हुआ है तो अब वह नए नियमों के तहत होमस्टे नहीं चला पाएगा। कमरों के अलावा होमस्टे संचालित करने के लिए 30 वर्ग फुट का बाथरूम-शौचालय होना अनिवार्य किया गया है।
- नई होम स्टे नीति के अनुसार अब होम स्टे का ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकरण करवाने के लिए प्रति वर्ष करीब छह हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे जबकि, इससे पहले होम स्टे संचालकों को महज 100 रुपये की पंजीकरण फीस तीन वर्षों के लिए चुकानी पड़ती थी। वर्तमान नीति के मुताबिक छह हजार रुपये पंजीकरण फीस के हिसाब से अब तीन वर्षों में संचालकों को 18 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। वहीं, साडा श्रेणी में आने वाले क्षेत्रों के लिए आठ हजार और अर्बन श्रेणी में यह शुल्क 12 हजार रुपये तीन साल के लिए है।
- नए नियमों के अनुसार 20 साल से अधिक समय से हिमाचल में रह रहे (अन्य राज्यों के लोग) और हिमाचल के निवासी जो प्रदेश से बाहर व्यवसाय कर रहे हैं, वे भी होम स्टे चलाने के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं। होम स्टे खोलने वालों को भवन का संरचना स्थिरता प्रमाणपत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा संचालक को पुलिस से सत्यापन भी करवाना होगा। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाए गए होम स्टे रूल 2025 को लेकर 15 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के 60 दिन के भीतर होम स्टे खोलने के लिए अनुमति मिल जाएगी।
यहां बता दें कि 2 मार्च तक इस होमस्टे योजना-2025 को लेकर आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं और सुझाव भी दिए जा सकते हैं। उसके बाद नए नियमों के तहत होमस्टे का पंजीकरण होगा। शर्तें पूरी न करने वाले होमस्टे का पर्यटन विभाग पंजीकरण नहीं करेगा। इस संबंध में पर्यटन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि फार्म हाऊस, बगीचों व चाय बागान में भी होमस्टे चला सकेंगे। पंजीकरण शुल्क व नवीकरण शुल्क भी निर्धारित किया गया है। इसके अलावा होमस्टे के परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा।
इसी तरह पीने के पानी के लिए आरओ, एक्वागार्ड लगाना व नगर निगम व नगर निकाय के नियमों के अनुसार कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था होनी चाहिए। कमरों में टाइल्स, मार्बल फ्लोरिंग होनी चाहिए, कमरों में सीलन न हो, फर्स्ट एड की सुविधा के साथ चिकित्सक का नाम, मोबाइल नंबर लिखा होना चाहिए। होमस्टे में आगंतुक पुस्तिका उपलब्ध रखनी होगी, ताकि ग्राहक फीडबैक दे सकें।
होमस्टे में पार्किंग की सुविधा होना जरूरी है। इसके अलावा जल संग्रह टैंक, सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा गार्ड होना, कमरों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करने, मेहमान को ठंडा व गर्म पानी उपलब्ध करवाने, किसी भी होमस्टे संचालक को पुलिस स्त्यापन प्रमाण पत्र व पर्यटन विभाग के समकक्ष अधिकारी का अंडरटेकिंग पत्र उपलब्ध करवाना होगा।
- बेड एंड ब्रेकफास्ट, होम स्टे संचालकों को दोबारा करवाना होगा पंजीकरण
- बेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे एवं हिमाचल सरकार की होम स्टे योजना 2008 के तहत पंजीकृत इकाइयों को होम स्टे रूल 2025 राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिन के भीतर पंजीकरण के लिए दोबारा आवेदन करना होगा। हालांकि जब तक इन इकाइयों की पंजीकरण वैधता है, तब तक के लिए पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा। होम स्टे का पंजीकरण शुल्क एक अथवा तीन वर्ष के लिए किया जा सकेगा। तीन साल के लिए एकमुश्त शुल्क चुकाने पर 10 फीसदी छूट मिलेगी। महिला के नाम से पंजीकरण होने पर पांच फीसदी छूट मिलेगी।
पंजीकरण शुल्क
कमरे नगर निगम क्षेत्र टीसीपी, साडा, नगर पंचायत ग्राम पंचायत नवीकरण शुल्क
4-6 12,000 8,000 6,000 पंजीकरण शुल्क के बराबर
1-3 8,000 5,000 3,000 पंजीकरण शुल्क के बराबर




