
चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में जस्टिस की टिप्पणी पर असहमति जताई।जिसमे अदालत ने कहा, CBI की जांच टीम में हिमाचल कैडर का कोई ऑफिसर नहीं होना चाहिए। अपने आप में प्रश्न चिन्ह लगाता है।
IBEX NEWS,शिमला ।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में प्रेसवार्ता कर कहा कि देश के प्रधानमंत्री से हिमाचल के हितों के संदर्भ में बात की। दिल्ली से लौटने के बाद शिमला में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिया है कि आने वाले समय में तुर्की के सेब की मार नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार इसे लेकर जल्दी फैसला लेने जा रही है। उन्होंने PM से तुर्की के सेब आयात पर रोक लगाने का मामला उठाया है।भारत में बीते साल तुर्की से 1.24 लाख मीट्रिक टन सेब आयात किया गया था। इसका असर हिमाचल के साथ साथ जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में तुर्की का सेब आयात बंद होने से तीन राज्यों के बागवानों को फायदा होगा।
CM ने कहा, विमल नेगी मामले में हाईकोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ राज्य सरकार अपील नहीं करेगी, बल्कि इस केस की जांच में CBI का सहयोग करेगी। सरकार चाहती है कि नेगी के परिजनों को इस केस में न्याय मिले। सुक्खू ने कहा, यदि विमल नेगी के परिजन उनसे कहते तो वह खुद भी इस केस की जांच CBI को दे देते।उनके परिवार को न्याय मिलना चाहिए।उनके निधन पर तरह तरह की बातें उठी तो देशराज को सस्पेंड किया और MD मीणा को तुरंत पद से हटा दिया। इस मामले पर भाजपा ने राजनीति शुरू कर दी।चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में जस्टिस की उस टिप्पणी पर असहमति जताई। जिसमे अदालत ने कहा, CBI की जांच टीम में हिमाचल कैडर का कोई ऑफिसर नहीं होना चाहिए। अपने आप में प्रश्न चिन्ह लगाता है। सुक्खू ने कहा, हिमाचल हाईकोर्ट में कितने जस्टिस हैं जो हिमाचल से संबंधित है। उन्होंने इस तरह की टिप्पणी से बचने की बात कही।अब हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए सरकार इंकार नहीं करेगी। इसके लिए अपील नहीं की जाएगी।कानून की अनुपालन करना हमारा दायित्व है। CBI जो मदद मांगेगी हम करेंगे। जयराम के या किसी के पास भी कोई कागज है तो CBI को दें। प्रदेश को लूटने नहीं देंगे।महज झूठ बोलने से झूठ सच नहीं हो जाता। ये विपक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है कि विमल नेगी की पत्नी को न्याय मिले। जो भ्रष्टचार की बात भाजपा नेता कर रही है वह भी दस्तावेज CBI को दें। केंद्र में भाजपा की सरकार है।

इस दौरान CM ने DGP-SP शिमला में मचे घमासान को लेकर सभी अधिकारियों अनुशासन से रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा, इसे लेकर वह अभी अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं।
CM ने माना कि पुलिस अधिकारियों की आपसी खींचतान सामने आई है। इनसे खींचातानी में डीजीपी ने भी एक एफिडेविट दायर किया। इससे पहले उन्होंने मुझसे से भी संपर्क किया और कहा कि एसआईटी को बदल देते हैं। उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया और कहा कि हम खुद ही यह केस CBI को देते हैं।

सीएम ने कहा, डीजीपी, एसआईटी और एसीएस ओंकार शर्मा तीनों ने अलग अलग रिपोर्ट दी। इससे विमल नेगी के परिजनों को शक होना लाजिमी है। सीएम ने कहा, उन्होंने जब ACS से पूछा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं क्या उनसे आपने पूछा है कि आप पर पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों ने ये आरोप लगाए हैं। इस पर ओंकार ने कहा, मैंने जो लिखा है वो ठीक है। उनकी रिपोर्ट में विपिन गुलेरिया, हरिकेश मीणा, देसराज शर्मा पर आरोप लगाए और पेखुवाला प्रोजेक्ट भी जोड़ा।
सीएम ने कहा कि विधानसभा सत्र के समय ये बात उठी तो ओंकार शर्मा के नेतृत्व में जांच बिठाई गई। फिर जयराम ठाकुर ने फिर भी सवाल उठाए। उन्हें विमल नेगी मामले में रुचि नहीं थी केवल राजनीति करनी थी। जगत नेगी के आग्रह पर इस मामले में FIR दर्ज की गई। जांच शुरू हुई तो भाजपा नेता बार बार पेखुवाला प्रोजेक्ट पर जिक्र करने लगे। 15 अप्रैल के कार्यक्रम में राजेश धर्माणी किन्नौर दौरे पर उनसे संपर्क करते रहे लेकिन सभी परिवारजन बाहर थे और संपर्क नहीं हुआ।तभी भाजपा नेता सुरत नेगी ने मीडिया ट्रायल के जरिए प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की बात उठाई।विमल नेगी की मौत को इसके साथ जोड़ने की कोशिश की गई।
जब इस बारे में पता किया तो विमल नेगी 15 जून 2024 को पावर कारपोरेशन में ज्वाइन करते हैं। 9 माह में ऐसी क्या प्रताड़ना हुई कि वे आत्महत्या करें। जब जांच में पता चला कि एक जुलाई 2024 को एंजाइटी की मेडिसिन खाना शुरू कर दिया था। किस तरह का दबाव था इसकी जांच जरूरी थी और गहनता से जांच के आदेश दिए तो उनका परिवार हाईकोर्ट चला गया और CBI जांच मांगी। अगर मुझसे कहते तो उन्हें जवाब देते। जब अलग अलग रिपोर्ट आई तो परिवार को शक होना था। रिपोर्ट देने वाले सत्य नहीं बता रहे थे।
पुलिस जांच में एक पेन ड्राइव का पता चला तो एक अधिकारी दूसरे से बात कर रहा है। फोरेंसिक जांच में रिट्रीव हुआ। इसकी जानकारी हाईकोर्ट में दी जा रही थी। और पुलिस अधिकारियों की खींचातानी में DGP ने भी एक एफीडेविट दाखिल किया। उन्होंने सीएम से बात की थी और SIT को बदलने की मांग की।लेकिन हमने मना किया क्योंकि भाजपा नेता इस मामले में राजनीति कर रहे थे। वे परिवार के लिए न्याय नहीं मांग रहे थे। इससे अच्छा हम खुद इसे CBI को दे देते हैं। ताकि परिवार को न्याय मिले। गलत करने वालों को बख्शेंगे नहीं। AG कहते हैं कि उन्हें इस बात का पता ही नहीं। अब स्थिति ये की तीन अलग अलग रिपोर्ट आई।
ACS ओंकार शर्मा ने अपनी रिपोर्ट सीएम को दी। जिस पर पूछा कि क्या जिन पर आरोप लगे हैं उनसे पूछा गया। तो AG से ओपिनियन मांगा तो उनसे पूछा नहीं गया।
रिपोर्ट में विपिन गुलेरिया और एक दो लोगों ने देशराज और मीणा पर आरोप लगाए और 32 मेगावाट पेखुवाला प्रोजेक्ट का जिक्र था। आरोप लगाने वाला प्रोजेक्ट का हेड था। अप्रैल में प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया आग 15 अप्रैल 2024 को पूर्ण हो गया और हेड अगस्त 2024 तक था। इस पर कानूनी राय ली गई। आरोप लगाने वाले की सत्यता का पता लगाओ।
भ्रष्टाचार पर चर्चा दिसंबर में आई।भाजपा नेताओं ने पेखुवाला प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। भाजपा ने इस पर भी झूठ बोला। कल जयराम ठाकुर ने प्रेसवार्ता में इस मुद्दे पर बात की लेकिन तथ्यों पर बात नहीं की। विधानसभा में दस्तावेज सत्यता के साथ रखे जाते हैं और झूठ बोलने वाले पर विधानसभा अध्यक्ष कार्रवाई कर सकते है।
विपिन गुलेरिया ने जिन पर आरोप लगाए उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए था।
भाजपा विमल नेगी की मौत पर राजनीति पर अपना स्वार्थ साध रही है और परिवार के लिए न्याय की चर्चा ही नहीं। जबकि सरकार उनके साथ हमेशा रहेगी।
लेकिन जो साजिश और षडयंत्र का जवाब है उसका जवाब प्रदेश की जनता देगी। ये विपक्ष की भी जिम्मेदारी बनती है कि विमल नेगी की पत्नी को न्याय मिले। जो भ्रष्टचार की बात भाजपा नेता कर रही है वह भी दस्तावेज CBI को दें। केंद्र में भाजपा की सरकार है।
CM की PC की बड़ी बातें :
मुझसे मिलता विमल नेगी जी का परिवार, तो हम ही करवा देते CBI जांच : CM
▪️विमल नेगी मामले में CBI जांचb के खिलाफ अपील नहीं करेगी सरकार, सीएम ने किया स्पष्ट।
▪️सीएम बोले, सरकार विमल नेगी के परिवार के साथ।
▪️बोले, बीजेपी को विमल नेगी के लिए न्याय से नहीं, सिर्फ राजनीति से मतलब।
▪️कहा, जांच में सामने आया एंग्जाइटी की दवा खा रहे थे विमल नेगी, पर अधिकारियों के दबाव के आरोपों की जांच जरूरी।
▪️पुलिस की खींचतान की बात मानी, कहा DGP ने बोला था SIT बदल देते है, मैंने कहा बीजेपी बेवजह राजनीति करेगी। सीएम बोले, मैंने कहा DGP को कि वो सच्चाई सामने लाएं।
▪️आत्महत्या या हत्या मैं कुछ कह नहीं सकता : सीएम
▪️पावर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोले, आरोप लगाने वाला अधिकारी ही हेड। उसी ने किया 170 करोड़ का भुगतान।
▪️बोले अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं। SP शिमला के मामले पर बोले, अभी बैठक होगी, उसमें फीडबैक लूंगा।
▪️ACS ओंकार शर्मा की रिपोर्ट पर बोले – मुझे रिपोर्ट सबमिट की, मेरे कुछ सवाल थे। ओपिनियन के लिए मैंने लॉ को भेजा था।
▪️सीएम बोले, तीनों जांच रिपोर्ट अलग अलग तो विमल नेगी के परिवार को शक होना लाजमी।




