
मीणा की अग्रिम जमानत 16 जुलाई तक बढ़ी।शिमला के SP संजीव गांधी को आज थोड़ी राहत मिली।
IBEX NEWS,शिमला ।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से शिमला के SP संजीव गांधी को आज थोड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया तथा जस्टिस रंजन शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि एसपी और SIT के अन्य सदस्यों की व्यक्तिगत व पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान न पहुंचे, इसलिए याचिकाकर्ता की दलील को स्वीकार किया है।
इसके साथ ही हिमाचल हाईकोर्ट ने अवकाश पर भेजे शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी की ओर से व्यक्तिगत तौर पर दायर अपील याचिका पर सरकार, डीजीपी समेत अन्य को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने एकल जज के फैसले को आंशिक तौर पर स्वीकार करते हुए सीबीआई को जांच सौंपने का फैसला बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत केस की जांच CBI को सौंपने के आदेशों के मामले में दखल नहीं देंगे। यानी इस केस की जांच आगे भी सीबीआई ही करती रहेगी।
कोर्ट ने सरकार और उन सभी लोगों को नोटिस जारी किए, जिन्हें शिमला एसपी ने एलपीए में पार्टी बनाया है।
याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि एकल जज के फैसले की वजह से एसपी गांधी की व्यक्तिगत छवि और एसआईटी की विश्वसनीयता को आघात पहुंचा है। इसे लेकर ही एलपीए दायर की गई है। सरकार ने उन्हें अपील दायर करने के लिए एनओसी दिया है। उन्हें इस बात पर आपत्ति नहीं है कि एकल जज ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। एसआईटी तो खुद परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयास कर रही थी। उन्होंने अदालत से सिर्फ इतनी मांग की है कि डीजीपी ने जो हलफनामा एकल न्यायाधीश के समक्ष दायर किया है, उसका जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि विमल नेगी के गुमशुदा होने पर डीजीपी की ओर से एक एसआईटी गठित की थी, लेकिन जब नेगी का शव मिला, तब परिवार वालों ने शव सड़क पर रखकर न्यू शिमला पुलिस थाने के बाहर प्रर्दशन किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी गांधी ने एसआईटी गठित की। एसआईटी में विशेषज्ञ अधिकारी शामिल किए गए। उनकी ओर से गठित एसआईटी ने डीजीपी की ओर से गठित पहली एसआईटी में शामिल एएसआई पंकज कुमार से पैन ड्राइव बरामद की, लेकिन कोर्ट में एसआईटी की कार्यशैली को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। डीजीपी की ओर से गठित एसआईटी के सदस्य एसएचओ धर्म सेन नेगी ने एएसआई पंकज को बिलासपुर भेजा था।




