
IBEX NEWS,शिमला ।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेने केंद्रीय टीम रविवार को सराज पहुंची। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के उप सचिव कंदर्प वी. पटेल के नेतृत्व में 7 सदस्यीय टीम ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी टीम को सराज में हुए नुकसान की जानकारी दी। टीम ने थुनाग, बगसायड और अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
क्षेत्र में एक ही रात में 12 जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं। इससे 800 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा और सैकड़ों लोग बेघर हो गए। जिला प्रशासन के अनुसार, इस बरसात के मौसम में कुल 708 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

अभी भी सराज विधानसभा क्षेत्र में बहुत सुविधाएं बाधित हैं। बिजली, पानी और सड़क की ज्यादतर सुविधाएं अस्थाई रूप से ही बहाल हुई हैं, जिन्हें स्थायी रूप से बहाल करने की आवश्यकता है।
आपदा के समय भी मैंने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री J.P.Nadda, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री Manohar Lal समेत अन्य नेताओं से बात कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया था—
-Jairam Thakur, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री
राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को सौंपेंगे रिपोर्ट
कंदर्प पटेल ने कहा कि नुकसान का अंतिम ज्ञापन मिलने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को सौंपेगी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को सड़कों, पुलों व अन्य संपत्ति का लगभग 302 करोड़ रुपए का नुकसान अभी तक आंका गया है।

आदरणीय नेता प्रतिपक्ष ने आपदा से हुए नुकसान के मूल्यांकन के लिए केंद्र से टीम भेजने के लिए मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस सरकार ने अभी तक आपदा से हुई क्षति की भरपाई के लिए एक भी ठोस कदम नहीं उठाया है।
अभी भी सड़कें बंद हैं, बिजली-पानी आपूर्ति प्रभावित हैं और पीड़ितों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने अभी तक प्रयास भी नहीं किये हैं।
-डॉ. Rajeev Bindal, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
जल शक्ति विभाग को आरंभिक तौर पर लगभग 190 करोड़ ₹ और राज्य विद्युत बोर्ड को लगभग 34 करोड़ ₹ का नुकसान हुआ है। ग्रामीण विकास विभाग को लगभग 58 करोड़ ₹, बागवानी विभाग को 31 करोड़ ₹, कृषि विभाग को 8 करोड़ ₹ से अधिक, शिक्षा विभाग को 15 करोड़ ₹ से अधिक, नगर निगम मंडी को साढ़े छह करोड़ रुपए से अधिक और स्वास्थ्य विभाग को लगभग तीन करोड़ का नुकसान आरंभिक तौर पर आंका है।





