
लोडेड गन, चाकू और फर्जी नंबर प्लेट के साथ रची थी किडनैपिंग की साजिश
शेयर मार्केट में कर्जदार हुआ और बना अपहरणकर्ता — BCS के बच्चों को बनाया निशाना
रक्षाबंधन के दिन रचा अपहरण का ड्रामा,शिमला पुलिस ने 24 घंटे में बचाए!
IBEX NEWS,शिमला— हिमाचल के नामी बिशप कॉटन स्कूल (BCS) के तीन छात्रों का अपहरण करने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि इसी स्कूल का पूर्व छात्र निकला। आरोपी सुमित सूद ने बच्चों को गाड़ी में मॉल रोड छोड़ने का बहाना दिया, फिर लोडेड गन, चाकू, ग्लव्स और रस्सी के दम पर उन्हें बंधक बना लिया।
पुलिस के मुताबिक, 9 अगस्त को कक्षा 6 के तीन छात्र — वेदांश (कुल्लू), हितेंद्र (मोहाली) और अंगद (करनाल) — आउटिंग के लिए स्कूल गेट से निकले थे। बाहर पहले से मौजूद सुमित ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाया और डराने के लिए हथियार दिखाए। बच्चों की आंखों पर पट्टी और मुंह पर टेप लगाकर उन्हें 60 किलोमीटर दूर कोकूनाला स्थित अपने घर की चौथी मंजिल पर कैद कर दिया।
- CCTV और लोकल इनपुट से पुलिस ने 24 घंटे में बचाए BCS के 3 बच्चे
- शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से तीन बच्चों के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे में सुलझा दी। जांच की शुरुआत स्कूल के CCTV फुटेज से हुई, जिसमें आरोपी सुमित सूद अपनी कार स्कूल गेट के पास पार्क करता दिखा। वीडियो में साफ़ नजर आया कि बाकी बच्चों के आगे निकलने के बाद उसने पीछे चल रहे वेदांश, अंगद और हितेंद्र को गाड़ी में बैठाया और कोटखाई की तरफ निकल गया।पुलिस ने गाड़ी नंबर ट्रेस किया तो वह दिल्ली की वैगनआर का निकला, जबकि आरोपी के पास i-10 कार थी। असली नंबर DL8CS 0654 था। बच्चे हिमाचल से बाहर न ले जाए जाएं, इसके लिए पुलिस ने शिमला से परवाणू और टुटू तक नाकाबंदी की, लेकिन आरोपी चंडीगढ़ की बजाय ठियोग-कोटखाई रूट से आगे बढ़ा।कोटखाई में पेट्रोल पंप से आगे CCTV नहीं था, तो पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान एक युवक ने बताया कि गाड़ी सुमित सूद की लग रही है। लोकेशन पुख्ता होते ही रविवार दिन में पुलिस उसके घर पहुंची। घर की चौथी मंज़िल पर तीनों बच्चे बंधक मिले।बच्चों को IGMC शिमला ले जाया गया, जहां मेडिकल में वे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए, हालांकि रेस्क्यू के समय वे डरे-सहमे थे। आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में पता चला कि सुमित पर शेयर मार्केट में लाखों रुपये का कर्ज था और उसने फिरौती के लिए BCS के बच्चों को निशाना बनाया। रक्षाबंधन के दिन, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वह स्कूल पहुंचा। आरोपी के पास कैलिफोर्निया का वर्चुअल नंबर भी था, जिससे उसने फोन कर धमकी दी।
पुलिस ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया और तीनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के समय भी बच्चों की आंखों पर पट्टी बंधी थी और वे डरे-सहमे थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल को सौंप दिया गया है और वे पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे। आरोपी के परिवार के सदस्य घटना के समय शिमला में थे, जबकि वह अकेले घर में इस वारदात को अंजाम दे रहा था




